नगर संवर्ग में पहली बड़ी भर्ती, खाली पदों से स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से यह नगर क्षेत्र (संवर्ग) में पहली शिक्षक भर्ती होगी। पहले नगर और ग्रामीण क्षेत्र एक साथ चलते थे। 1981 में बेसिक शिक्षा परिषद की नियमावली प्रभावी हुई। इसके साथ ही 1983 में नगर क्षेत्र (संवर्ग) का गठन किया गया था।
इसके बाद पहले तो कोई भर्ती ही नहीं आई। बाद में विभाग की ओर से ग्रामीण संवर्ग में ही भर्ती की जाती थी। इसके बाद ग्रामीण संवर्ग से नगर संवर्ग में शिक्षकों को तबादले का अवसर दिया जाता था। किंतु नगर संवर्ग में जाने से वरिष्ठता प्रभावित होने के कारण शिक्षकों में इसे लेकर रुचि नहीं होती थी।  

स्कूलों में काफी संख्या में पद खाली होते गए
2009 में भी एक बार भर्ती की कवायद की गई, लेकिन इसमें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। यही वजह रही है कि नगर संवर्ग के स्कूलों में काफी संख्या में पद खाली होते गए। इसका असर यहां के पठन पाठन पर भी पड़ा। अमर उजाला ने भी नगर संवर्ग में शिक्षकों के खाली पदों का और इसकी वजह से पड़ने वाले असर पर खबरें प्रकाशित की थी।

इसमें बाद विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव बनाया गया किंतु तत्कालीन प्रमुख सचिव के हटने के बाद फिर यह धीमा पड़ गया था। हाल के दिनों में इसमें फिर तेजी आई और अब यहां के खाली पदों पर भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। नगर संवर्ग में शिक्षकों की तैनाती होने से सरकारी स्कूल भी निजी स्कूलों को टक्कर दे सकेंगे। साथ ही बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
बरेली में सर्वाधिक 888, कानपुर नगर में 758 पदों पर होगी शिक्षक भर्ती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के साथ ही प्रदेश के नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में 11508 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव बेसिक शिक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेज दिया है। जल्द ही इसकी हार्ड कॉपी भी उपलब्ध करा दी जाएगी।

बेसिक शिक्षा परिषद सचिव सुरेंद्र तिवारी की ओर से अधियाचन भेजते हुए इस पर आगे की कार्यवाही करने की मांग की गई है। विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार सर्वाधिक शिक्षकों के पद बरेली में 888 खाली हैं। इसी तरह कानपुर नगर में 758, मेरठ में 635, अलीगढ़ में 492, गाजियाबाद में 405, लखनऊ में 444, सहारनपुर में 448, वाराणसी में 378, आगरा व फर्रुखाबाद में 315-315, मथुरा में 255, बुलंदशहर व फिरोजाबाद में 245-245 पद खाली है।

जबकि अमरोहा में 230, जालौन में 232, मुजफ्फरनगर में 186, बदायूं में 196, मिर्जापुर में 168, पीलीभीत में 166, गोरखपुर व हरदोई में 166-166, शामली में 161, देवरिया में 131, लखीमपुर में 154, सिद्धार्थनगर में 152, एटा व जौनपुर में 151-151, मुरादाबाद में 127, इटावा में 125, उन्नाव व कासगंज में 128-128 और सीतापुर में 111 पद खाली हैं।

 

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