भोजशाला :ASI ने प्रस्तुत की 2189 पेज की रिपोर्ट, सर्वे में मिले तांबे के सिक्के और प्राचीन शिलालेख

धार 

मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर को लेकर चल रहे विवाद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट ने नई बहस छेड़ दी है। इंदौर हाईकोर्ट की बेंच के सामने ASI ने साफ शब्दों में कहा है कि वर्तमान ढांचा परमार काल के हिंदू मंदिरों के अवशेषों, खंभों और मूर्तियों के टुकड़ों से बनाया गया है।

तीन हिस्सों में बंटा है इतिहास
ASI की टीम ने खुदाई और सर्वे के दौरान पाया कि यह जगह तीन अलग-अलग दौर से गुजरी है। सबसे पुराना हिस्सा 10वीं-11वीं शताब्दी का है, जहां मिट्टी पर ईंटों का ढांचा खड़ा किया गया था। दूसरे दौर में विशाल पत्थरों का इस्तेमाल कर इसे भव्य रूप दिया गया और यहां 'शारदा सदन' जैसे महान ग्रंथों के शिलालेख लगाए गए।

एएसआई ने बताया कि पहले केवल तीन अधिकारियों द्वारा सीमित स्तर पर सर्वे किया गया था, जबकि इस बार सात विशेषज्ञ अधिकारियों, पुरातत्वविदों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने दोनों पक्षों की मौजूदगी में प्रतिदिन सुबह से शाम तक काम किया। पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि हर गतिविधि का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भोजशाला परिसर का निर्माण 14वीं शताब्दी से भी पहले का है। वहीं, परिसर के पश्चिमी हिस्से में बनी मेहराब बाद में अलग से निर्मित प्रतीत होती है। एएसआई ने यह भी बताया कि वर्ष 1902 की रिपोर्ट में भोजशाला को मंदिर के रूप में वर्णित किया गया था, जबकि 2024 में हाई कोर्ट के निर्देश पर दोबारा सर्वे कराया गया।

एएसआई की 10 वॉल्यूम में तैयार रिपोर्ट कुल 2189 पृष्ठों की है। इसमें सर्वे के दौरान मिले कई महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक परिसर और आसपास की खुदाई में तांबे के सिक्के, शेर मुख, कीर्ति मुख, “ॐ नमः शिवाय” से जुड़े चिह्न और शिलालेख मिले हैं। साथ ही परिसर में मौजूद 106 स्तंभों पर देवी-देवताओं की मुखाकृतियां और प्राकृत व संस्कृत भाषा में कथाओं का वर्णन उकेरा गया है। नक्काशी की शैली के आधार पर इसके ऐतिहासिक कालखंड का भी उल्लेख किया गया है।

मामले की सुनवाई जस्टिस विजयकुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच कर रही है। अगली सुनवाई 6 मई को होगी, जिसमें सलेक चंद जैन की ओर से एडवोकेट दिनेश राजभर और महाधिवक्ता प्रशांत सिंह अपनी दलीलें पेश करेंगे।

 

admin

Related Posts

नौरादेही में वन्यजीवों की सुरक्षा और अपराध रोकने का नया कदम, पूर्व सैनिक करेंगे मोर्चा संभाल

सागर  मध्य प्रदेश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व वीरांगना रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व की बात करें, तो ये तीन जिलों में फैला हुआ है. नौरादेही वन्य जीव अभ्यारण को…

MP बिजली विभाग की पहल: घर बैठे ऑनलाइन करें ट्रांसफर के लिए आवेदन

भोपाल  मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कर्मचारियों को बड़ी डिजिटल सौगात दी है। अब स्थानांतरण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और पेपरलेस बनाते हुए कंपनी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

मुसीबत में व‍िनेश फोगाट: डोप टेस्ट छोड़ने पर जारी हुआ बड़ा नोट‍िस

  • By admin
  • May 6, 2026
  • 1 views
मुसीबत में व‍िनेश फोगाट: डोप टेस्ट छोड़ने पर जारी हुआ बड़ा नोट‍िस

टिकट विवाद के चलते IPL 2026 फाइनल बेंगलुरु से अहमदाबाद शिफ्ट, BCCI ने लिया बड़ा फैसला

  • By admin
  • May 6, 2026
  • 1 views
टिकट विवाद के चलते IPL 2026 फाइनल बेंगलुरु से अहमदाबाद शिफ्ट, BCCI ने लिया बड़ा फैसला

संजू सैमसन की शानदार पारी, दिल्ली पर कहर; चेन्नई की आसान 8 विकेट जीत

  • By admin
  • May 6, 2026
  • 0 views
संजू सैमसन की शानदार पारी, दिल्ली पर कहर; चेन्नई की आसान 8 विकेट जीत

टॉस जीतकर दिल्ली कैपिटल्स ने किया बल्लेबाजी का ऐलान

  • By admin
  • May 5, 2026
  • 1 views
टॉस जीतकर दिल्ली कैपिटल्स ने किया बल्लेबाजी का ऐलान

IPL 2026 49वां मैच: हैदराबाद में SRH बनाम PBKS, पिच और खिलाड़ियों पर नजर

  • By admin
  • May 5, 2026
  • 1 views
IPL 2026 49वां मैच: हैदराबाद में SRH बनाम PBKS, पिच और खिलाड़ियों पर नजर

नई जिम्मेदारी, नया एहसास: केएल राहुल बोले—बेटी को गले लगाते ही सब कुछ भूल जाता हूं

  • By admin
  • May 5, 2026
  • 2 views
नई जिम्मेदारी, नया एहसास: केएल राहुल बोले—बेटी को गले लगाते ही सब कुछ भूल जाता हूं