भारत और रूस के बीच अहम समझौता, 3000 सैनिक तैनात होंगे एक-दूसरे की ज़मीन पर, जेट और युद्धपोत की तैनाती

 नई दिल्ली

भारत और रूस ने हाल ही में एक बहुत महत्वपूर्ण सैन्य समझौता किया है. इस समझौते का नाम है इंडो-रूसी रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक्स एग्रीमेंट यानी RELOS. फरवरी 2025 में साइन हुए इस समझौते को जनवरी 2026 से लागू कर दिया गया है. अब दोनों देश एक-दूसरे के इलाके में ज्यादा से ज्यादा 3000 सैनिक, 10 एयरक्राफ्ट यानी हवाई जहाज और 5 वॉरशिप यानी युद्धपोत तैनात कर सकते हैं। 

यह समझौता 5 साल के लिए है. अगर दोनों पक्ष चाहें तो इसे और 5 साल बढ़ाया भी जा सकता है. समझौते में साफ नियम बनाए गए हैं कि दोनों देश अपने सैनिकों, जहाजों और हवाई जहाजों को कैसे सपोर्ट करेंगे. इसका मुख्य मकसद संयुक्त सैन्य अभ्यास, मानवीय मदद और आपदा राहत जैसे कामों को आसान बनाना है। 

समझौता क्या है और इसमें क्या-क्या शामिल है?
यह RELOS समझौता दोनों देशों के बीच लॉजिस्टिक्स यानी सप्लाई और सपोर्ट का आदान-प्रदान करने वाला है. पहले भारत और अमेरिका के बीच भी ऐसा ही LEMOA समझौता हुआ था. अब रूस के साथ भी यही हुआ है. समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य अड्डों, बंदरगाहों और एयरबेस पर सैनिक, जहाज और एयरक्राफ्ट रख सकते हैं। 

अधिकतम 3000 सैनिक एक साथ रह सकते हैं. 10 फाइटर प्लेन या ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और 5 युद्धपोत भी एक साथ तैनात किए जा सकते हैं. समझौते में लिखा है कि तैनात सैनिकों को ईंधन, मरम्मत, खाना, स्पेयर पार्ट्स और हर तरह का टेक्निकल सपोर्ट दिया जाएगा. यह सिर्फ युद्ध के लिए नहीं है बल्कि मुख्य रूप से संयुक्त ट्रेनिंग, अभ्यास और मदद के कामों के लिए है. रूस की संसद ने दिसंबर 2025 में इसे पास किया और अब यह पूरी तरह लागू हो चुका है। 

भारत और रूस यह सैन्य आदान-प्रदान क्यों कर रहे हैं?
भारत और रूस बहुत पुराने दोस्त हैं. दोनों देश 70 साल से ज्यादा समय से सैन्य साझेदारी कर रहे हैं. भारत रूस से ज्यादातर हथियार और सैन्य उपकरण खरीदता है. अब दुनिया की स्थिति बदल रही है. चीन के साथ भारत की सीमा पर तनाव है. रूस यूक्रेन युद्ध में लगा है और अमेरिका-चीन के बीच भी प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। 

ऐसे में दोनों देश चाहते हैं कि उनकी दोस्ती और मजबूत हो. यह समझौता इसलिए किया गया है ताकि संयुक्त अभ्यास आसानी से हो सके. पहले अभ्यास के लिए सैनिक और सामान लाना-ले जाना बहुत महंगा और मुश्किल होता था. अब दोनों देश एक-दूसरे के बेस इस्तेमाल करके जल्दी और सस्ते में काम कर सकेंगे। 

भारत को रूस के आर्कटिक क्षेत्र और फार ईस्ट के बेस मिलेंगे जहां ठंडे इलाकों में ट्रेनिंग हो सकेगी. रूस को भारतीय महासागर के बंदरगाह मिलेंगे जहां उसके जहाज रुक सकेंगे. साथ ही मानवीय मिशन जैसे बाढ़, भूकंप या बचाव कार्य में मदद मिलेगी. यह दोनों देशों की सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों को पूरा करने के लिए है। 

इस समझौते से दोनों देशों को क्या फायदा होगा?
इस RELOS समझौते से दोनों देशों को बहुत फायदा होगा. सबसे बड़ा फायदा लॉजिस्टिक्स सपोर्ट का है. मतलब अगर भारतीय सैनिक रूस में अभ्यास करें तो वहां उन्हें रूस का बेस, ईंधन और मरम्मत मिल जाएगी. उसी तरह रूसी सैनिक भारत आएं तो भारतीय बेस पर सब कुछ उपलब्ध होगा. इससे समय और पैसे की बचत होगी। 

संयुक्त अभ्यास जैसे INDRA ज्यादा बेहतर और बार-बार हो सकेंगे. आपदा राहत में भी तेजी आएगी. उदाहरण के लिए अगर रूस में कोई प्राकृतिक आपदा हो तो भारतीय सैनिक और जहाज जल्दी मदद पहुंचा सकेंगे. भारत की नेवी को रूस के उत्तरी इलाकों तक पहुंच मिलेगी जो भविष्य में महत्वपूर्ण हो सकता है। 

रूस को भारतीय समंदर में मजबूत पकड़ मिलेगी. कुल मिलाकर दोनों देश अपनी सेनाओं को और मजबूत और तैयार रख सकेंगे. यह समझौता सिर्फ सैन्य नहीं बल्कि रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगा। 

यह समझौता क्यों महत्वपूर्ण है और आगे क्या होगा?
यह समझौता भारत-रूस दोस्ती का नया अध्याय है. दोनों देश लंबे समय से साथ हैं. दुनिया में कई देश ऐसे समझौते कर रहे हैं ताकि अपनी सेनाएं मजबूत रहें. भारत के लिए यह इसलिए खास है क्योंकि वह रूस पर निर्भर है हथियारों के लिए और अब लॉजिस्टिक्स भी आसान हो जाएगी. रूस के लिए भी भारत जैसे मजबूत साथी का बेस मिलना महत्वपूर्ण है. समझौता 5 साल बाद बढ़ाया जा सकता है. फिलहाल दोनों देश इसे लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। 

admin

Related Posts

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ईरानी जहाज का गुजरना, अमेरिका का वार; भविष्य में बातचीत कैसे होगी?

वाशिंगटन/तेहरान  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास तनाव चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना ने गल्फ ऑफ ओमान में एक…

8वें वेतन आयोग के नियमों से कर्मचारियों को नुकसान, डीए का एरियर नहीं मिलेगा

नई दिल्‍ली केंद्र सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्‍ता 2 फीसदी बढ़ाने का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन इसका फायदा 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के तहत नहीं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

IPL 2026: वरुण ने वैभव का विकेट लिया, T20 में रचा ‘दोहरा शतक’, इतिहास बना

  • By admin
  • April 20, 2026
  • 3 views
IPL 2026: वरुण ने वैभव का विकेट लिया, T20 में रचा ‘दोहरा शतक’, इतिहास बना

आज मुंबई और गुजरात का मुकाबला, जानें दोनों टीमों के आंकड़े; रोहित शर्मा की फिटनेस पर MI को मिली खुशखबरी

  • By admin
  • April 20, 2026
  • 5 views
आज मुंबई और गुजरात का मुकाबला, जानें दोनों टीमों के आंकड़े; रोहित शर्मा की फिटनेस पर MI को मिली खुशखबरी

IPL के दौरान विराट और अनुष्का प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे, देखें खास तस्वीरें

  • By admin
  • April 20, 2026
  • 4 views
IPL के दौरान विराट और अनुष्का प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे, देखें खास तस्वीरें

शेफाली वर्मा ने T20 क्रिकेट में रचा इतिहास, सबसे तेज शतक लगाने वाली बनीं

  • By admin
  • April 20, 2026
  • 1 views
शेफाली वर्मा ने T20 क्रिकेट में रचा इतिहास, सबसे तेज शतक लगाने वाली बनीं

पंजाब किंग्स ने लखनऊ को 54 रन से मात दी, प्रियांश और कॉनली ने तोड़े कई अहम रिकॉर्ड

  • By admin
  • April 20, 2026
  • 3 views
पंजाब किंग्स ने लखनऊ को 54 रन से मात दी, प्रियांश और कॉनली ने तोड़े कई अहम रिकॉर्ड

पंजाब का तूफानी हमला! लखनऊ के सामने रखा पहाड़ जैसा लक्ष्य, प्रियांश-कोनोली शतक से चूके

  • By admin
  • April 19, 2026
  • 4 views
पंजाब का तूफानी हमला! लखनऊ के सामने रखा पहाड़ जैसा लक्ष्य, प्रियांश-कोनोली शतक से चूके