ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा का गोचर बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. दरअसल, चंद्रमा के इस गोचर का प्रभाव सीधा व्यक्ति के मन और भावनाओं पर पड़ता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 12 अप्रैल की रात करीब 1 बजकर 19 मिनट पर चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश कर चुका है और लगभग ढाई दिन तक इसी राशि में रहेगा. कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं, जिन्हें चंद्रमा का शत्रु ग्रह माना जाता है. ऐसे में यह गोचर कुछ राशियों के लिए परेशानी भरा साबित हो सकता है. ज्योतिषियों के मुताबिक, इस दौरान थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
कर्क राशि
कर्क राशि के लिए यह गोचर आठवें भाव में हुआ, जो अचानक घटनाओं और परेशानियों से जुड़ा माना जाता है. इस समय आपको मानसिक तनाव, काम में रुकावट और निराशा का सामना करना पड़ सकता है. छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ सकता है, इसलिए खुद को शांत रखना जरूरी होगा. किसी भी जोखिम भरे काम से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा.
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए चंद्रमा का यह गोचर छठे भाव में पड़ेगा, जो विवाद, बीमारी और शत्रुओं का स्थान होता है. इस दौरान ऑफिस या परिवार में किसी से अनबन हो सकती है. यात्रा के दौरान अपने सामान का खास ध्यान रखें. बड़े फैसले लेने से बचें, क्योंकि इस समय गलत निर्णय लेने की संभावना ज्यादा रह सकती है.
मीन राशि
मीन राशि के लिए यह गोचर बारहवें भाव में हुआ, जिसे खर्च और नुकसान का भाव माना जाता है. इस दौरान पैसों से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं और खर्च ज्यादा हो सकता है. मानसिक रूप से भी आप थोड़ा परेशान महसूस कर सकते हैं. रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ने की संभावना है, इसलिए बातचीत में सावधानी रखें और किसी भी बात को समझदारी से सुलझाने की कोशिश करें.









