जबलपुर मेडिकल कॉलेज के NICU वार्ड में आग, फायर एक्सटिंग्विशर से 27 बच्चों को बचाया डॉक्टर ने

जबलपुर
नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिशु रोग विभाग में डॉक्टर ने ही फायर एक्सटिंग्विशर उठाकर शॉर्ट सर्किट लगी आग को काबू में पा लिया. जिस समय एनआईसीयू में आग लगी थी उस दौरान वार्ड में 27 नवजात भर्ती थे. हालांकि इस घटना के तुरंत पहले एक बच्चे की मौत हो गई थी. उनके परिजनो ने अस्पताल में भारी हंगामा भी मचाया था. आगजनी की घटना गुरुवार देर रात की है.

एनआईसीयू वार्ड से निकलने लगा धुआं
जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में शिशु रोग विभाग में उसे समय अफरा तफरी फैल गई. जब एक पंख से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आज बढ़ने लगी. यह पंखा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के NICU वार्ड के बाहर वेटिंग एरिया में लगा हुआ था. देखते ही देखते वेटिंग एरिया के साथ ही NICU के भीतर भी धुआ पहुंच गया.

वार्ड में भर्ती थे 27 बच्चे
जिस समय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चा वार्ड में आग फैली उस समय वार्ड में 27 बच्चे भर्ती थे, इसलिए परिजन भी घबरा गए और लोगों ने बार्ड के भीतर जाना शुरू कर दिया. समस्या को देखते हुए तुरंत बच्चा वार्ड की बिजली को बंद कर दिया गया ताकि आज आगे न फैल सके. हालांकि मौके पर पहुंचे सिक्योरिटी और अग्निशमन दल ने तुरंत ही आग पर काबू पा लिया.

इस बीच में तुरंत बच्चों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया. हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद दोबारा उन्हें एनआईसीयू में भर्ती कर दिया गया. लेकिन शिफ्टिंग की वजह से नवजात बच्चों की माताएं परेशान नजर आए और अफरा तफरी में वह अपने बच्चों को ढूंढती हुई देखी गई. लेकिन इसी दौरान अस्पताल में इलाज करवा रहे एक बच्चे की मौत हो गई. पीड़ित परिजन ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया. मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार को लोगों को समझाया दी.

ड्यूटी डॉक्टर ने वक्त रहते बुझाई आग
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि, ''जैसे ही पंखे से धुआं निकला मौके पर मौजूद ड्यूटी डॉक्टर ने ही फायर एक्सटिंग्विशर उठाकर आग बुझा दी.'' मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बिल्डिंग 70 साल पुरानी है कुछ दिनों पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने करोड़ों रुपया खर्च करके फायर सेफ्टी के समान लिए थे लेकिन अस्पताल की बिजली की वायरिंग अभी भी पुरानी है और उसमें ऐसी घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है.

काफी पुरानी हो चुकी है अस्पताल की बिल्डिंग
जबलपुर का मेडिकल कॉलेज अस्पताल महाकौशल की सबसे बड़ी स्वास्थ्य इकाई है, इसमें केवल जबलपुर ही नहीं महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के लोग इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं. इसलिए इस इमारत में हमेशा हजारों लोग मौजूद रहते हैं. लेकिन इमारत अब इतनी पुरानी हो गई है कि मरीज के बढ़ते दबाव को यहां महसूस किया जा सकता है. मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में पहले भी आग की घटनाएं हुई हैं, जहां बच्चों की जलने से मौत हो गई. हालांकि जबलपुर के ड्यूटी डॉक्टर्स की सूझबूझ की वजह से जबलपुर का हादसा टल गया. आग की स्थिति में यदि तुरंत काबू पा लिया जाए तो आग को फैलने से रोका जा सकता है.

admin

Related Posts

धनवाल की याचिका पर जबलपुर उच्च न्यायालय ने नहीं दिया स्थगन

जबलपुर अपेक्स बैंक द्वारा दिनांक  22-3-26 को आदेश क्रमांक मप्रमु/13/केडर/प्रसं/2979 से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित सीधी के निलंबित मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीएस धनवाल द्वारा जबलपुर उच्च न्यायालय में अपने…

जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए हमारे पास पर्याप्त धनराशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश 11.6 प्रतिशत विकास दर से कर रहा प्रगति जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए हमारे पास…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

IPL सीजन 19 का आगाज़: कोहनी और क्लासेन की टक्कर से पहले बेंगलुरु में बारिश का अलर्ट, जानें लेटेस्ट अपडेट

  • By admin
  • March 27, 2026
  • 1 views
IPL सीजन 19 का आगाज़: कोहनी और क्लासेन की टक्कर से पहले बेंगलुरु में बारिश का अलर्ट, जानें लेटेस्ट अपडेट

कोच्चि स्टेडियम का ‘गेट लॉक’: क्या प्रशासनिक लापरवाही भारतीय फुटबॉल की साख पर पड़ रही है भारी?

  • By admin
  • March 27, 2026
  • 0 views
कोच्चि स्टेडियम का ‘गेट लॉक’: क्या प्रशासनिक लापरवाही भारतीय फुटबॉल की साख पर पड़ रही है भारी?

‘सुरक्षा से बढ़कर कोई टूर्नामेंट नहीं’: दिग्गज चेस खिलाड़ी कोनेरू हम्पी ने कैंडिडेट्स से नाम वापस लिया

  • By admin
  • March 27, 2026
  • 0 views
‘सुरक्षा से बढ़कर कोई टूर्नामेंट नहीं’: दिग्गज चेस खिलाड़ी कोनेरू हम्पी ने कैंडिडेट्स से नाम वापस लिया

RR और CSK में नए चेहरों की एंट्री: आईपीएल रिप्लेसमेंट के वो नियम जो बदल देते हैं खिलाड़ियों की किस्मत

  • By admin
  • March 27, 2026
  • 0 views
RR और CSK में नए चेहरों की एंट्री: आईपीएल रिप्लेसमेंट के वो नियम जो बदल देते हैं खिलाड़ियों की किस्मत

IPL 2026: क्यों रद्द हुई ओपनिंग सेरेमनी? चिन्नास्वामी हादसे के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देगा BCCI

  • By admin
  • March 27, 2026
  • 1 views
IPL 2026: क्यों रद्द हुई ओपनिंग सेरेमनी? चिन्नास्वामी हादसे के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देगा BCCI

Carolina Marin ने रिटायरमेंट का लिया फैसला, ओलंपिक में भारतीय फैन्स को किया था निराश

  • By admin
  • March 27, 2026
  • 0 views
Carolina Marin ने रिटायरमेंट का लिया फैसला, ओलंपिक में भारतीय फैन्स को किया था निराश