बलौदा बाजार.
जिले के ग्राम रसेड़ी में संचालित उचित मूल्य की दुकान में राशन की गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों के आरोप के बाद सरपंच की सूचना पर खाद्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए चावल से भरे एक वाहन को जब्त कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार ग्राम रसेड़ी में संचालित उचित मूल्य की दुकान के संचालक पर ग्रामीणों ने राशन में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि दुकान संचालक द्वारा हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा था और बचा हुआ चावल इकट्ठा कर बेचा जा रहा था। ग्रामीणों को जब इस बात की जानकारी मिली कि दुकान के सामने एक वाहन में बड़ी मात्रा में चावल लोड किया जा रहा है, तब उन्होंने इसकी सूचना ग्राम सरपंच को दी। सूचना मिलते ही सरपंच मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर वाहन को रोक दिया। वाहन की जांच करने पर उसमें 50 से अधिक बोरियों में चावल भरा हुआ पाया गया। इसके बाद सरपंच द्वारा इसकी सूचना तत्काल खाद्य विभाग को दी गई। मामले की सूचना मिलने पर खाद्य विभाग के खाद्य निरीक्षक मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। सरपंच और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए। प्राथमिक जांच के बाद चावल से भरे उक्त वाहन को जब्त करने की कार्रवाई की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान संचालक द्वारा लोगों को कम राशन देकर बचा हुआ चावल इकट्ठा किया गया था और उसे वाहन के माध्यम से बाहर भेजा जा रहा था। ग्रामीणों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं उचित मूल्य दुकान के संचालक झमकलाल साहू ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वाहन में जो चावल लोड किया जा रहा था, वह उन्होंने राशन कार्डधारी उपभोक्ताओं से खरीदा था। इस संबंध में खाद्य निरीक्षक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जब्त किए गए चावल और वाहन से संबंधित पूरी जानकारी एकत्र कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसे एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सेल्समैन ने यह स्वीकार किया है कि एपीएल कार्डधारकों से चावल खरीदकर बिक्री करने ले जा रहा था। सेल्समैन का यह कृत्य शासकीय दृष्टि से उचित नहीं है। मामले की जांच कर उच्चाधिकारियों के निर्देश अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अधिकांश सोसायटियों में इस तरह के काम हो रहे हैं और चावल की अफरातफरी हो रही है, वहीं बाहरी दुकानदार इन चावलों को खरीद रहे हैं। आपको बता दें कि शासन की योजना है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए, पर यहां इसका गलत उपयोग हो रहा है। देखना होगा कि शासन अब आगे क्या कार्रवाई करता है।









