HC ने उठाया एयरपोर्ट का मामला, ग्वालियर में फ्लाइट्स की कमी पर मंत्रालय और एयरलाइंस से मांगा जवाब

ग्वालियर
 मध्य प्रदेश के ग्वालियर एयरपोर्ट पर हवाई सेवाओं के विस्तार के बावजूद फ्लाइट्स की कमी पर अब हाईकोर्ट भी चिंतित है. जिसको लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने केंद्र सरकार के साथ नागरिक उड्डयन मंत्रालय और ग्वालियर एयरपोर्ट पर सेवाएं दे रही एयरलाइन कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

नियमित उड़ानों को लेकर लगाई गई जनहित याचिका
असल में ये नोटिस एक जनहित याचिका पर चल रही सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर दिए गए हैं. मामला ग्वालियर एयरपोर्ट पर संचालित होने वाली नियमित हवाई उड़ानों को लेकर कोर्ट के संज्ञान में लाया गया था. ये जनहित याचिका कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के अध्यक्ष सुदर्शन झवर द्वारा दायर की गई है.

नया एयरपोर्ट, यात्री बढ़े, लेकिन सीमित उड़ाने
याचिकाकर्ता की ओर से दायर जनहित याचिका पर पैरवी कर रहे वकील सिद्धार्थ सिजौरिया के मुताबिक, "इस पीआईएल पर याचिकाकर्ता ने अपना पक्ष रखते हुए बताया है की, "ग्वालियर के नए एयरपोर्ट राजमाता विजयाराजे सिंधिया टर्मिनल का निर्माण करीब 450 करोड़ की लागत से कराया गया. इसके बाद ग्वालियर से हवाई सफर करने वालों की संख्या में भी 25 से 26 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हो चुकी है. बावजूद इसके ग्वालियर को पर्याप्त हवाई सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं. देश के कई प्रमुख शहरों के लिए ग्वालियर से कोई सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं है. ऐसे में यात्रियों को ट्रेन या सड़क मार्ग पर निर्भर होना पड़ रहा है."

एविएशन पॉलिसी लागू फिर भी प्रमुख शहरों के लिए नहीं फ्लाइट्स
एडवोकेट सिद्धार्थ राजौरिया ने कोर्ट के सामने पक्ष रखते हुए कहा कि, केंद्र और राज्य सरकारों ने छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए नीतियां बनायी है. मध्य प्रदेश में भी एविएशन पॉलिसी लागु हो चुकी है, लेकिन ग्वालियर से देश और प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ाने अब तक शुरू नहीं हो सकी है.

कोर्ट ने संबंधित पक्षों को दिया नोटिस
हालांकि इस दौरान वकील ने यह भी बताया कि, इस सुनवाई के लिए याचिकाकर्ता द्वारा नगर निगम को 25 हजार रुपए जमा करने की सहमति दी थी. जिसके बाद कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई योग्य माना और याचिका पर सुनवाई के बाद केंद्र सरकार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और संबंधित एयरलाइंस कंपनियों से 4 हफ्ते में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किए हैं." 

admin

Related Posts

विकसित भारत के लिए लक्षित लाभ जरूरी: राज्यपाल पटेल

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पात्र व्यक्तियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाकर ही विकसित भारत का संकल्प पूरा किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को…

रिश्वतखोरी पर वार, खंडवा में आंगनवाड़ी सुपरवाइजर पकड़ी गई

खंडवा, खालवा विकासखंड मुख्यालय खालवा में महिला एवं बाल विकास विभाग की एक संविदा पर्यवेक्षक को लोकायुक्त की टीम ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

ऑस्ट्रेलिया से मुकाबले में भारत की नजर जीत पर, बल्लेबाजी सुधार बनेगा गेम चेंजर

  • By admin
  • February 26, 2026
  • 0 views
ऑस्ट्रेलिया से मुकाबले में भारत की नजर जीत पर, बल्लेबाजी सुधार बनेगा गेम चेंजर

रचिन रविंद्र बोले: सैंटनर जैसे लीडर के साथ खेलना टीम को देता है दस फीट लंबा आत्मविश्वास

  • By admin
  • February 26, 2026
  • 0 views
रचिन रविंद्र बोले: सैंटनर जैसे लीडर के साथ खेलना टीम को देता है दस फीट लंबा आत्मविश्वास

प्रोटियाज की जीत का भारत को लाभ, नॉकआउट का समीकरण हुआ सरल

  • By admin
  • February 26, 2026
  • 0 views
प्रोटियाज की जीत का भारत को लाभ, नॉकआउट का समीकरण हुआ सरल

विनीसियस के दम पर रियल मैड्रिड अंतिम-16 में, बेनफिका को दी करारी शिकस्त

  • By admin
  • February 26, 2026
  • 0 views
विनीसियस के दम पर रियल मैड्रिड अंतिम-16 में, बेनफिका को दी करारी शिकस्त

Paris Saint-Germain ने दिखाई ताकत, AS Monaco को हराकर अंतिम-16 का टिकट पक्का

  • By admin
  • February 26, 2026
  • 0 views
Paris Saint-Germain ने दिखाई ताकत, AS Monaco को हराकर अंतिम-16 का टिकट पक्का

हार के बाद भावुक हुए कुमार संगाकारा, बोले– ‘टीम के बाहर होते ही सब बदल जाता है’

  • By admin
  • February 26, 2026
  • 1 views
हार के बाद भावुक हुए कुमार संगाकारा, बोले– ‘टीम के बाहर होते ही सब बदल जाता है’