‘दो बच्चों’ वाली 30 साल पुरानी अनिवार्यता खत्म, राजस्थान में 3 संतान वाले भी लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव

जयपुर.

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव से पहले बड़ा बदलाव किया गया है। भजनलाल सरकार ने पंचायत और निकाय चुनाव लड़ने की योग्यता में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत अब राज्य में दो से अधिक संतान वाले भी स्थानीय चुनाव लड़ सकेंगे। यानी अब दो से ज्यादा बच्चे वाले भी सरपंच और पार्षद बन सकेंगे।

उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल का कहना है कि दो से अधिक संतान होने पर चुनाव लड़ने का प्रतिबंध उस समय लागू किया गया था, जब जनसंख्या विस्फोट पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता थी। वर्ष 1991-94 के बीच प्रजनन दर 3.6 थी, जो वर्तमान में घटकर 2 रह गई है। ऐसे में इन प्रावधानों का प्रत्यक्ष प्रभाव अब कम होता जा रहा है। ऐसे में भजनलाल सरकार ने अब राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-19 और राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा-24 में संशोधन करने का निर्णय लिया है।

वर्तमान सत्र में ही पारित होंगे दोनों विधेयक
कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने राजस्थान पंचायतीराज संशोधन बिल और राजस्थान नगरपालिका संशोधन बिल 2026 को मंजूरी दे दी है। इन संशोधनों के लागू होने के बाद दो से अधिक संतानों वाले व्यक्तियों पर निकाय और पंचायत चुनाव लड़ने की लगी रोक समाप्त हो जाएगी। पटेल ने कहा कि दोनों विधेयकों को वर्तमान सत्र में ही पारित कराया जाएगा। इस निर्णय से ऐसे कई जनप्रतिनिधियों और संभावित उम्मीदवारों को राहत मिलेगी, जो अब तक इस प्रावधान के कारण चुनाव नहीं लड़ पा रहे थे।

समय-समय पर उठती रही बदलाव की मांग
पिछली गहलोत सरकार के दौरान कांग्रेस विधायक हेमाराम चौधरी ने 2 बच्चों की शर्त हटाने की मांग की थी। पिछले साल बजट सेशन के दौरान चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने भी सवाल उठाते हुए पूछा था कि दो से ज्यादा बच्चों वाले लोगों को विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने की इजाज़त देने और पंचायत चुनाव लड़ने से रोकने के पीछे क्या वजह है? साथ ही इस नियम पर फिर से विचार करने की अपील की थी।

जनप्रतिनिधि-नेताओं के समान अवसर की मांग पर संशोधन
जनप्रतिनिधियों और कई नेताओं ने दो बच्चों की बाध्यता हटाने की पुरजोर मांग की थी। खुद मंत्री झाबर सिंह खर्रा इन नेताओं की बात को कई बार दोहरा चुके हैं कि विधायक और सांसद चुनाव में ऐसी बाध्यता नहीं है। वहीं, सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन में भी यह शर्त पहले ही हटाई जा चुकी है। ऐसे में निकाय चुनाव में यह बाध्यता क्यों हो? जनप्रतिनिधियों को भी समान अवसर मिलना चाहिए। इसी आधार पर सरकार में तय हुआ कि सभी योग्य और सक्रिय लोगों को चुनाव लड़ने का मौका मिलना चाहिए, विशेषकर उन लोगों को जिन्होंने वर्षों तक जमीनी स्तर पर काम किया है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत के कार्यकाल में पंचायतीराज कानून और राजस्थान नगरपालिका कानून में संशोधन कर दो से अधिक संतानों वाले व्यक्तियों के चुनाव लड़ने पर रोक का प्रावधान जोड़ा गया था। उस समय इसका उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देना बताया गया था। नियम लागू होने के बाद कई निर्वाचित प्रतिनिधियों की सदस्यता समाप्त भी हुई थी। इस फैसले से राजस्थान की राजनीति गरमा गई थी। 1997 में राजस्थान हाईकोर्ट ने इस बदलाव को सही ठहराते हुए कहा था कि यह आबादी बढ़ने से रोकने के लिए एक ज़रूरी कदम है। लेकिन, अब 30 साल पहले लागू किए गए प्रावधान को बदलने के निर्णय के बाद प्रदेश में स्थानीय निकाय और पंचायतीराज की राजनीति में बदलाव की संभावना है।

admin

Related Posts

परिसीमन निरस्त, स्थानीय निकाय चुनाव की समय-सीमा पर असमंजस—सुप्रीम कोर्ट में तय होगी दिशा

जयपुर राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव तय समय पर होते नजर नहीं आ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से राजस्थान में 15 अप्रैल तक निकाय चुनाव करवाने की…

रेगिस्तान में गर्जना: जैसलमेर वायुशक्ति-26 में भारतीय वायुसेना की अभूतपूर्व मारक शक्ति का प्रदर्शन

जयपुर/जैसलमेर भारतीय वायुसेना एक बार फिर अपनी अचूक क्षमता, अभेद्य सुरक्षा और सटीक प्रहार कौशल का शानदार प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। 27 फरवरी को पोखरण के रेगिस्तानी क्षेत्र…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

विनीसियस के दम पर रियल मैड्रिड अंतिम-16 में, बेनफिका को दी करारी शिकस्त

  • By admin
  • February 26, 2026
  • 0 views
विनीसियस के दम पर रियल मैड्रिड अंतिम-16 में, बेनफिका को दी करारी शिकस्त

Paris Saint-Germain ने दिखाई ताकत, AS Monaco को हराकर अंतिम-16 का टिकट पक्का

  • By admin
  • February 26, 2026
  • 0 views
Paris Saint-Germain ने दिखाई ताकत, AS Monaco को हराकर अंतिम-16 का टिकट पक्का

हार के बाद भावुक हुए कुमार संगाकारा, बोले– ‘टीम के बाहर होते ही सब बदल जाता है’

  • By admin
  • February 26, 2026
  • 0 views
हार के बाद भावुक हुए कुमार संगाकारा, बोले– ‘टीम के बाहर होते ही सब बदल जाता है’

सुजीत कलकल का शानदार प्रदर्शन, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग रैंकिंग सीरीज में गोल्ड मेडल अपने नाम

  • By admin
  • February 26, 2026
  • 1 views
सुजीत कलकल का शानदार प्रदर्शन, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग रैंकिंग सीरीज में गोल्ड मेडल अपने नाम

बल्लेबाजी ध्वस्त, लेकिन मयंक अग्रवाल के शतक ने बचाई लाज

  • By admin
  • February 26, 2026
  • 0 views
बल्लेबाजी ध्वस्त, लेकिन मयंक अग्रवाल के शतक ने बचाई लाज

वर्ल्ड कप से बाहर श्रीलंका, दासुन शनाका की ‘सरकारी दखल’ वाली मांग पर छिड़ी बहस

  • By admin
  • February 26, 2026
  • 0 views
वर्ल्ड कप से बाहर श्रीलंका, दासुन शनाका की ‘सरकारी दखल’ वाली मांग पर छिड़ी बहस