प्योंगयांग की राजनीति में नया चेहरा: किम जोंग उन की बहन की ताकत क्यों बढ़ रही है?

उत्तर कोरिया
उत्तर कोरिया में किम परिवार की सत्ता और मजबूत हो रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तानाशाह किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग को सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया में बड़ी पदोन्नति मिली है। यूं कहें तो उनका कद और पावर बढ़ गया है। अब उन्हें उप-विभाग निदेशक से पूर्ण विभाग निदेशक (Department Director) बनाया गया है, जो मिनिस्टीरियल स्तर का पद माना जाता है। यह फैसला हाल ही में हुई पार्टी की नौवीं कांग्रेस के दौरान लिया गया, जहां किम जोंग उन को एक बार फिर पार्टी महासचिव चुना गया।

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने मंगलवार को रिपोर्ट किया कि किम यो जोंग, जो पहले सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की केंद्रीय समिति में डिप्टी डिपार्टमेंट डायरेक्टर थीं, अब एक विभाग की डिपार्टमेंट डायरेक्टर नियुक्त कर दी गई हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्हें किस विभाग का नेतृत्व सौंपा गया है। उत्तर कोरिया में पांच वर्षों बाद हो रही इस पार्टी कांग्रेस के दौरान यह पदोन्नति हुई है। प्योंगयांग में चल रहे इस बहुचर्चित सम्मेलन में लगभग 5000 प्रतिनिधि शामिल हैं। यह सम्मेलन गुरुवार को शुरू हुआ था और इसमें किम जोंग उन को पार्टी के महासचिव के रूप में दोबारा चुना गया। माना जा रहा है कि यह किम राजवंश के शासन के निरंतर बने रहने का एक और संकेत है।

वहीं, दक्षिण कोरिया की जासूसी एजेंसी के इस महीने के आकलन के अनुसार, उत्तर कोरिया पर 1940 के दशक से किम परिवार का ही शासन है। साथ ही, नेता किम की नाबालिग बेटी किम जू ऐ को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। किम यो जोंग शासन की प्रमुख आवाज बन चुकी हैं और दक्षिण कोरिया के खिलाफ धमकियों व उकसावे वाली बयानबाजी की एक श्रृंखला का नेतृत्व कर रही हैं।

हालांकि, हाल ही में सीमा पार ड्रोन हमलों पर सियोल द्वारा खेद व्यक्त करने के संदर्भ में उनकी टिप्पणी में दुर्लभ सकारात्मकता दिखी थी। वह किम परिवार के उन चुनिंदा सदस्यों में से हैं जिन्होंने प्रमुख स्थान बनाए रखा है। राज्य मीडिया में उनका जिक्र होता रहता है, जबकि उत्तर कोरिया जैसे देश में नेता के भाई-बहनों का प्रदर्शन अक्सर अच्छा नहीं रहा है।

गौरतलब है कि किम जोंग उन पर 2017 में अपने सौतेले बड़े भाई किम जोंग नाम की हत्या का आदेश देने का आरोप लगा था, जो उनका सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी माना जाता था। पूर्व नेता किम जोंग इल के एक भाई की बचपन में डूबने से मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य सौतेले भाई को दशकों तक निर्वासित रखा गया।

 

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