उड़द किसानों के लिए बड़ी राहत: ₹600 बोनस कैबिनेट ने दी मंजूरी, जनजातीय जिलों में कृषि को मिलेगी मदद

भोपाल 

विधानसभा के बजट सत्र का आज सातवां दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में कहा कि मालवा अंचल के जनजातीय क्षेत्रों में मनाए जाने वाले भगोरिया लोकपर्व को सरकार ने राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने का फैसला लिया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय बहुल जिलों बड़वानी, धार और झाबुआ में सरकार कृषि कैबिनेट करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि भगोरिया पर्व के दौरान ही कृषि कैबिनेट की बैठक की जाएगी।

किसानों के लिए बड़ा पैकेज
सदन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट के अहम फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2026 को प्रदेश में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि उड़द और सरसों की फसलों को लेकर की गई घोषणाओं को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उड़द पर 600 रुपये प्रति हेक्टेयर बोनस देगी, जबकि सरसों की फसल को भावांतर योजना में शामिल किया गया है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके।

इसके साथ ही किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत अगले पांच वर्षों के लिए कुल 10,520 करोड़ रुपये की पांच कृषि योजनाओं को निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी गई है। आज हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इन योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से आगामी पांच वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया।

जिन योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी गई है, उनमें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (माइक्रो इरिगेशन), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग तथा राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन शामिल हैं।

वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ये घोषणाएं राहुल गांधी के संभावित दौरे के दबाव में की जा रही हैं? उन्होंने कहा कि यदि सरकार को यह निर्णय लेना था तो पहले भी लिया जा सकता था। इस पर मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी से पूछा जाना चाहिए कि तिलहन और दलहन में कौन-कौन सी फसलें आती हैं।

इधर, सीएम ने बताया कि किसानों के हित में की गई घोषणाओं को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार उड़द के उपार्जन पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देगी। वहीं, सरसों के लिए 71 लाख टन उत्पादन मानते हुए भावांतर योजना के तहत भुगतान किया जाएगा। सरसों उत्पादन 28% बढ़ने का अनुमान है।

समर्थन मूल्य पर चना, मसूर का उपार्जन
प्रदेश में चना और मसूर की फसल का प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत चने के लिए 6.49 लाख मीट्रिक टन और मसूर के लिए 6.01 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है. उन्होंने बताया कि तय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना और मसूर के उपार्जन के लिए 24 मार्च से 30 मई 2026 तक की अवधि प्रस्तावित की गई है.

चना और मसूर की सरकारी खरीद

रजिस्ट्रेशन की तारीख: 20 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक.

उपार्जन की अवधि: 24 मार्च से 30 मई 2026 तक प्रस्तावित.

किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय पर अपना पंजीयन करा लें ताकि निर्धारित MSP का लाभ मिल सके.

ध्यानाकर्षण में उठा जमीन बंदोबस्त का मामला

विधानसभा में कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी ने खरगोन के भीकनगांव, झिरन्या और महेश्वर क्षेत्र में जमीन बंदोबस्त नहीं होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड में गड़बड़ी से लोगों को परेशानी हो रही है।

कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने भी समर्थन किया। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि गड़बड़ी हो तो कलेक्टर या तहसीलदार को आवेदन दें, जांच कर सुधार किया जाएगा।

नगरीय विकास, जनजातीय कार्य, स्कूल, शिक्षा, परिवहन, उच्च शिक्षा पर होगी चर्चा

  •     प्रश्नकाल, शून्यकाल, याचिकाओं की प्रस्तुति और पत्र पटल पर रखने के बाद विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा होगी।
  •     अनुदान मांगों पर चर्चा के लिए करीब पौने आठ घंटे का समय तय किया गया है।
  •     नगरीय विकास और आवास विभाग पर सोमवार को चर्चा नहीं हो सकी थी, इसलिए सबसे पहले इसी पर चर्चा होगी।
  •     इसके बाद जनजातीय कार्य विभाग और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग पर चर्चा होगी।
  •     लोक परिसंपत्ति विभाग और अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की अनुदान मांगों पर भी विधायक अपनी बात रखेंगे।
  •     लोक निर्माण विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग पर भी चर्चा तय है।
  •     स्कूल शिक्षा विभाग और परिवहन विभाग की अनुदान मांगों पर भी पक्ष और विपक्ष अपनी राय देंगे।
  •     उच्च शिक्षा विभाग, आयुष विभाग और तकनीकी शिक्षा पर भी चर्चा होगी।
  •     कौशल विकास और रोजगार विभाग की अनुदान मांगों पर भी सदन में विचार किया जाएगा।

लाड़ली बहना योजना को लेकर हुआ था हंगामा

लाड़ली बहना योजना के नए पंजीयन को लेकर भी सोमवार को सदन में जोरदार हंगामा हुआ था। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सवाल उठाया कि योजना के तहत पात्र नई बहनों का पंजीयन कब शुरू होगा, इस बारे में सरकार कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है।

इस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री तो सही जवाब दे रहे हैं, लेकिन पहले यह बताया जाए कि कांग्रेस नेता जीतू पटवारी बहनों से क्या कह रहे हैं?

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