धीमे ज़हर की तरह काम कर रहा है कैंसर, अगर नहीं छोड़ीं ये 4 आदतें तो…

नई दिल्ली

चिकित्सा विज्ञान में हुई अभूतपूर्व प्रगति के बावजूद 'कैंसर' आज भी दुनिया भर में मौत के प्रमुख कारणों में से एक बना हुआ है। जब शरीर की कोशिकाएं अनियंत्रित होकर स्वस्थ ऊतकों (Tissues) को नष्ट करने लगती हैं, तो यह घातक बीमारी जन्म लेती है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और भारत सरकार का आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) इस बात पर जोर देते हैं कि कैंसर कोई अपरिहार्य नियति नहीं है। सही जानकारी और अनुशासित जीवनशैली अपनाकर इस जानलेवा बीमारी के जोखिम को 40% तक कम किया जा सकता है।

आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देश: रोकथाम ही सबसे बड़ा इलाज
आयुष मंत्रालय के अनुसार, कैंसर से बचाव के लिए महंगे इलाज से बेहतर 'प्रिवेंटिव हेल्थकेयर' है। मंत्रालय ने कुछ बुनियादी आदतों को रेखांकित किया है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोक सकती हैं।

कैंसर मुक्त जीवन के 5 मुख्य स्तंभ
 1. तंबाकू का पूर्ण त्याग: कैंसर से बचाव का सबसे पहला और अनिवार्य कदम है नशा मुक्ति। सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और खैनी जैसे उत्पाद न केवल मुंह और फेफड़ों, बल्कि पेट और किडनी के कैंसर का भी मुख्य कारक हैं। मंत्रालय के अनुसार, तंबाकू छोड़ना ही सुरक्षा की सबसे पहली ढाल है।
 
2. संतुलित वजन और मेटाबॉलिज्म: मोटापा केवल हृदय रोग ही नहीं, बल्कि स्तन, आंत और गर्भाशय के कैंसर का भी आमंत्रण है। शरीर में अत्यधिक वसा (Fat) हार्मोनल असंतुलन पैदा करती है, जो ट्यूमर के विकास में सहायक हो सकता है।

3. सक्रिय जीवनशैली (Physical Activity): नियमित व्यायाम शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है। रोजाना कम से कम 30-45 मिनट का योग, प्राणायाम या तेज पैदल चलना कैंसर के जोखिम को न्यूनतम स्तर पर ले आता है।
 
4. 'रेनबो डाइट' का महत्व: आयुष मंत्रालय पोषक तत्वों से भरपूर आहार की वकालत करता है। अपनी थाली में रंग-बिरंगे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और एंटीऑक्सीडेंट युक्त मसालों (जैसे हल्दी, अदरक) को शामिल करना चाहिए। प्रोसेस्ड मीट और अत्यधिक चीनी युक्त जंक फूड से दूरी बनाना अनिवार्य है।
 
5. समय पर स्क्रीनिंग और मेडिकल चेकअप: कैंसर की शुरुआती पहचान ही जीवन रक्षा की कुंजी है। मैमोग्राफी (स्तन कैंसर के लिए) और पैप स्मीयर (सर्वाइकल कैंसर के लिए) जैसे नियमित टेस्ट करवाने से बीमारी को प्रथम चरण में ही पकड़ा जा सकता है, जहाँ इलाज की सफलता दर 90% से अधिक होती है।

 

admin

Related Posts

बांग्लादेश चुनाव से पहले तनाव, BNP और जमात के बीच संघर्ष, 40 लोग घायल

ढाका  बांग्लादेश में आम चुनाव से ठीक 72 घंटे पहले राजनीति एक बार फिर सड़क पर उतर आई. शनिवार देर रात बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं के…

भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन शुरू करेगी पूर्वी भारत मंदिर दर्शन यात्रा, पैकेज डिटेल्स और रूट प्लान जारी

नई दिल्ली पूर्वी भारत के प्रमुख हिंदू मंदिरों के दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) की ओर से…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

टीम इंडिया का दिल छू लेने वाला पल: गंभीर के घर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का मिलन

  • By admin
  • February 9, 2026
  • 0 views
टीम इंडिया का दिल छू लेने वाला पल: गंभीर के घर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का मिलन

T20 World Cup: हसारंगा और तीक्ष्णा की जादुई गेंदबाजी, श्रीलंका ने आयरलैंड को दी करारी हार

  • By admin
  • February 9, 2026
  • 0 views
T20 World Cup: हसारंगा और तीक्ष्णा की जादुई गेंदबाजी, श्रीलंका ने आयरलैंड को दी करारी हार

टी20 वर्ल्ड कप विवाद: पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच बहिष्कार पर कर सकता है पुनर्विचार

  • By admin
  • February 9, 2026
  • 1 views
टी20 वर्ल्ड कप विवाद: पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच बहिष्कार पर कर सकता है पुनर्विचार

चार जीतों की लय में मैनचेस्टर, कैरिक के निर्देशन में टोटेनहैम पर शानदार जीत

  • By admin
  • February 8, 2026
  • 2 views
चार जीतों की लय में मैनचेस्टर, कैरिक के निर्देशन में टोटेनहैम पर शानदार जीत

टीम इंडिया के खिलाफ यादगार प्रदर्शन के बाद अमेरिकी गेंदबाज ने खोला दिल—क्यों कहा ‘हमें ऐसे मैच नहीं मिलते’

  • By admin
  • February 8, 2026
  • 3 views
टीम इंडिया के खिलाफ यादगार प्रदर्शन के बाद अमेरिकी गेंदबाज ने खोला दिल—क्यों कहा ‘हमें ऐसे मैच नहीं मिलते’

भिवानी बुल्स को 32–30 से मात, रोहतक रॉयल्स पहली CHL ट्रॉफी के मालिक

  • By admin
  • February 8, 2026
  • 2 views
भिवानी बुल्स को 32–30 से मात, रोहतक रॉयल्स पहली CHL ट्रॉफी के मालिक