क्या बांग्लादेश को मिलेगा नया सियासी चेहरा? जायमा रहमान की घर वापसी से उठे बड़े सवाल

ढाका 
बांग्लादेश की राजनीति में जिया परिवार की चौथी पीढ़ी के प्रवेश की चर्चा तेज हो गई है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान की इकलौती बेटी बैरिस्टर जायमा रहमान अब सक्रिय राजनीति में कदम रखने की तैयारी कर रही हैं। 17 साल लंदन में निर्वासन की जिंदगी बिताने के बाद 25 दिसंबर को पिता के साथ देश लौटीं जायमा ने फेसबुक पोस्ट और पार्टी मीटिंग्स में अपनी इच्छा जाहिर की है कि वे बांग्लादेश के पुनर्निर्माण में योगदान देना चाहती हैं और लोगों से सीधा जुड़कर देश को समझना चाहती हैं।
 
जायमा रहमान का जन्म 26 अक्टूबर 1995 को हुआ था। वे पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालेदा जिया की पोती हैं। बचपन ढाका में बीता, लेकिन 2008 में जब तारिक रहमान चिकित्सा और राजनीतिक कारणों से लंदन चले गए, तब 13 साल की जायमा भी मां डॉ. जुबाइदा रहमान के साथ वहां चली गईं। लंदन में क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री ली और लिंकन्स इन से बैरिस्टर बनीं। कानूनी प्रैक्टिस के दौरान उन्होंने लोगों के साथ काम करके सहानुभूति, ईमानदारी और न्याय की समझ विकसित की।

'मैं कभी अपनी जड़ों की देखभाल करना नहीं भूली', ये लाइन जायमा ने हाल ही में अपने एक फेसबुक पोस्ट में लिखीं। जायमा ने अपनी पोस्ट में अपनी दादी और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा को प्यार से 'डाडू' कहते हुए याद किया। बता दें कि जायमा ने अब तक न तो कोई औपचारिक पार्टी पद संभाला है और न ही कभी चुनाव लड़ा है। बीते 17 वर्षों में उनका जीवन मुख्यतः लंदन में उनके कानूनी पेशे के इर्द-गिर्द रहा।

ढाका में भव्य स्वागत, जायमा की ‘शांत’ एंट्री
तारिक रहमान की वापसी पर हजारों समर्थक ढाका की सड़कों पर उमड़ पड़े। यह एक राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन भी था। हालांकि, जायमा रहमान की एंट्री अपेक्षाकृत शांत रही। वह अपनी मां जुबैदा रहमान के साथ गुरुवार को गुलशन एवेन्यू के 196 नंबर आवास पर पहुंचीं। राजनीतिक मंच पर रोशनी भले तारिक रहमान पर रही, लेकिन लंदन से ढाका तक के सफर की तस्वीरें वायरल होने के साथ जायमा रहमान भी देश की राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गईं।

पेशे से बैरिस्टर, राजनीति में नई उम्मीद?
यूनाइटेड किंगडम में प्रशिक्षित बैरिस्टर जायमा को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के लिए ‘नवीनीकरण’ का चेहरा माना जा रहा है। बीएनपी लंबे समय से भ्रष्टाचार, घोटालों और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों से घिरी रही है। तारिक रहमान का ‘हावा भवन’ एक समय BNP-जमात गठबंधन सरकार के दौरान सत्ता का वैकल्पिक केंद्र माना जाता था। वह भी इन्हीं विवादों से जुड़ा रहा।

ऐसे में, फरवरी 2026 में संभावित राष्ट्रीय चुनावों से पहले तारिक रहमान की नई छवि गढ़ने की कोशिशों में जायमा एक अहम भूमिका निभा सकती हैं, खासकर युवाओं को जोड़ने के लिहाज से। पार्टी पहले से ही युवा मतदाताओं को लुभाने की रणनीति पर काम कर रही है।

यादें और राजनीति
जायमा पहली बार 2001 के आम चुनावों में मीडिया की नजर में आई थीं, जब वह महज छह साल की उम्र में अपनी दादी खालिदा जिया के साथ मतदान केंद्र गई थीं। उस चुनाव में BNP को भारी जीत मिली थी और खालिदा दिया प्रधानमंत्री बनी थीं। हाल के फेसबुक पोस्ट में जायमा ने अपने बचपन की एक याद साझा की, जो पहले ढाका ट्रिब्यून में रिपोर्ट हुई थी। उन्होंने बताया कि कैसे 11 साल की उम्र में फुटबॉल टूर्नामेंट जीतने के बाद वह अपना मेडल सीधे डाडू को दिखाने उनके ऑफिस गई थीं। जायमा ने लिखा- जिस गर्व और ध्यान से वह मेरी बात सुन रही थीं, वही याद आज भी मेरे साथ है।

2021 का विवाद और राजनीतिक मुखरता
2021 में जायमा उस वक्त सुर्खियों में आईं जब आवामी लीग के मंत्री मुराद हसन ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद हसन को इस्तीफा देना पड़ा और उनके खिलाफ मानहानि का मामला भी दर्ज हुआ। हालांकि, जायमा की वास्तविक राजनीतिक सक्रियता जुलाई छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद शुरू हुई, जब वह अपने पिता के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई देने लगीं और कई मंचों पर उनका प्रतिनिधित्व भी किया।

उन्होंने वाशिंगटन डीसी में नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट में BNP प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के तौर पर हिस्सा लिया, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता मिर्ज़ा फखरुल और आमिर खस्रू भी शामिल थे। 23 नवंबर 2025 को उन्होंने BNP की अपनी पहली औपचारिक बैठक में भाग लिया, जहां यूरोपीय प्रतिनिधियों का एक दल भी मौजूद था।

तारिक रहमान की घरवापसी और जायमा की भूमिका
तारिक रहमान 17 साल बाद पत्नी जुबैदा और बेटी जायमा के साथ ढाका लौटे। हवाई अड्डे पर हजारों समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। तारिक ने नंगे पांव जमीन को छुआ और कहा- 6314 दिन बाद बांग्लादेश के आकाश में वापस।' जायमा ने भी विमान से फोटो शेयर कर लिखा- मातृभूमि की ओर वापस। फरवरी 2026 में होने वाले संसदीय चुनाव से पहले बीएनपी मजबूत स्थिति में है। तारिक रहमान को अगला प्रधानमंत्री उम्मीदवार माना जा रहा है। ऐसे में जायमा का प्

admin

Related Posts

77 शिकायतों ने बढ़ाई हलचल: क्या पश्चिम बंगाल में दोबारा मतदान संभव?

कोलकाता बंगाल में दूसरे चरण के मतदान दौरान डायमंड हार्बर समेत कई केंद्रों पर ईवीएम की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग अब एक्शन मोड…

अग्नि-6 मिसाइल पर DRDO प्रमुख का अहम बयान, कहा- सरकार से ग्रीन सिग्नल का इंतजार

बेंगलुरु  रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के चेयरमैन डॉ. समीर वी. कामत ने हाल ही में कहा कि अग्नि-6 (Agni-6) बैलिस्टिक मिसाइल का विकास पूरी तरह से सरकार के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

RCB की पारी ढही: 155 रन पर खत्म, अरशद-होल्डर चमके

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 3 views
RCB की पारी ढही: 155 रन पर खत्म, अरशद-होल्डर चमके

पंत की मुश्किलें बढ़ीं, संजू सैमसन बन सकते हैं भारत के नए विकेटकीपर

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 3 views
पंत की मुश्किलें बढ़ीं, संजू सैमसन बन सकते हैं भारत के नए विकेटकीपर

गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ जीता टॉस

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 3 views
गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ जीता टॉस

IPL 43वां मैच: राजस्थान और दिल्ली के बीच कड़ी टक्कर, जानें पूरी डिटेल

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 3 views
IPL 43वां मैच: राजस्थान और दिल्ली के बीच कड़ी टक्कर, जानें पूरी डिटेल

264 से लेकर 5 वर्ल्ड कप शतक तक: क्यों खास है रोहित शर्मा का ‘हिटमैन’ अवतार

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 1 views
264 से लेकर 5 वर्ल्ड कप शतक तक: क्यों खास है रोहित शर्मा का ‘हिटमैन’ अवतार

243 रन के बावजूद मुंबई की हार, हैदराबाद ने 6 विकेट से जीता मुकाबला

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 3 views
243 रन के बावजूद मुंबई की हार, हैदराबाद ने 6 विकेट से जीता मुकाबला