जयंती विशेष: सरहदों से ऊपर उठा अटल का स्वर, मीनार-ए-पाकिस्तान से पाकिस्तान को दिया शांति का पैगाम

नई दिल्ली 
आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जन्म जयंती है। हमारा देश आज अपने पूर्व प्रधानमंत्री को ही नहीं बल्कि एक प्रखर वक्ता और ओजस्वी कवि को भी याद कर रहा है। उनका पूरा जीवन जमीन से उठकर भारत की सबसे बड़ी कुर्सी पर बैठने तक ही सीमित नहीं है। वह एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने दक्षिण एशिया में शांति के लिए एक नया प्रयास करने की कोशिश की थी। उनकी जन्म जयंती पर चलिए जानते हैं एक ऐसे ही किस्से को…

आजादी के बाद से ही पाकिस्तान की सेना और उनके राजनेताओं के मन में एक बड़ा डर यह था कि भारत उन्हें अपने में समाहित कर लेना चाहता है। भारत की कथित दक्षिण पंथी पार्टी भाजपा को लेकर उनका यह डर और भी ज्यादा था। ऐसे में अटल बिहारी वाजपेयी जब थोड़ी मजबूती के साथ सत्ता में आए तो उन्होंने पाकिस्तान के इस डर को खत्म करने की कोशिश की।

इसी कोशिश के तरह वह 1999 में अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान मीनार-ए-पाकिस्तान गए। यह वही जगह थी, जिसे पाकिस्तान की नींव माना जाता है। यहां पर खड़े होकर अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत और पाकिस्तान दोनों की जनता का एक साझा संदेश दिया। उन्होंने कहा था, "हम दोस्त बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं" अटल का यह बयान केवल एक कूटनीतिक बयान नहीं था, बल्कि दोनों देशों की जनता के बीच में परस्पर भरोसे की अपील थी। उस समय पर उन्होंने साफ कर दिया कि भारत, पाकिस्तान की संप्रभुता का सम्मान करता है, लेकिन आतंक और हिंसा के रास्ते को स्वीकार नहीं किया जा सकता। दोनों देशों को साथ में आगे बढ़ने के लिए शांति और संवाद का रास्ता अपनाना होगा।

मीनार-ए-पाकिस्तान पर जाकर जनता को संबोधित करना अटल बिहारी वाजपेयी के लिए एक राजनीतिक चुनौती थी। क्योंकि एक दक्षिण पंथी छवि वाले प्रधानमंत्री का उस दौर में वहां जाना आसान नहीं था। देश के भीतर भी अटल की इस यात्रा को लेकर सवाल उठे लेकिन वह अपने विश्वास पर कायम रहे।

अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान से समझौता करने के कई प्रयास किए, लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। बस यात्रा को खत्म कर वापस आए अटल को कुछ महीनों बाद ही जानकारी मिली कि पाकिस्तान ने भारत पर हमला कर दिया है। इसके बाद दोनों देशों के संबंध लगातार खराब होते रहे। पाकिस्तान की सत्ता चाहें कितना भी चाह ले कि भारत के साथ संबंध मजबूत हों, शांति पूर्ण हों, लेकिन पाकिस्तानी सेना को यह रास नहीं आता है।

 

admin

Related Posts

ईरान के नतांज में बड़ा हमला, अमेरिका और इजरायल की जोरदार बमबारी

 तेहरान मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर है. ईरान के सबसे सुरक्षित और संवेदनशील माने जाने वाले नतांज परमाणु केंद्र (Natanz Nuclear Facility) पर एक भीषण हमला…

कतर एनर्जी के CEO का ट्रंप पर हमला, गैस ठिकानों को हाथ न लगाने की दी चेतावनी

दोहा  इजरायल ने अमेरिका की मदद से बुधवार रात दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड साउथ पार्स पर हमला कर ईरान को आगबबूला कर दिया. जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

IPL से पहले आस्था का सहारा: Lucknow Super Giants संग ऋषभ पंत ने राम मंदिर में की पूजा-अर्चना

  • By admin
  • March 21, 2026
  • 2 views
IPL से पहले आस्था का सहारा: Lucknow Super Giants संग ऋषभ पंत ने राम मंदिर में की पूजा-अर्चना

T20I डेब्यू पर 15 साल की क्रिकेटर ने शतक जड़कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

  • By admin
  • March 21, 2026
  • 1 views
T20I डेब्यू पर 15 साल की क्रिकेटर ने शतक जड़कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

8000 रन से कोई बेहतर नहीं बन जाता, डिविलियर्स ने IPL पर दिया बयान

  • By admin
  • March 21, 2026
  • 3 views
8000 रन से कोई बेहतर नहीं बन जाता, डिविलियर्स ने IPL पर दिया बयान

IPL से हर्षित राणा की छुट्टी, रिप्लेसमेंट के लिए KKR ने चुने 5 विकल्प

  • By admin
  • March 21, 2026
  • 2 views
IPL से हर्षित राणा की छुट्टी, रिप्लेसमेंट के लिए KKR ने चुने 5 विकल्प

ड्यूक्स गेंदों की सप्लाई संकट में, मिडिल ईस्ट टेंशन से इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट पर असर, ECB ने दी सफाई

  • By admin
  • March 21, 2026
  • 2 views
ड्यूक्स गेंदों की सप्लाई संकट में, मिडिल ईस्ट टेंशन से इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट पर असर, ECB ने दी सफाई

CSK जॉइन करते ही धोनी संग दिखे संजू सैमसन, बातचीत का वीडियो बना चर्चा का विषय

  • By admin
  • March 20, 2026
  • 2 views
CSK जॉइन करते ही धोनी संग दिखे संजू सैमसन, बातचीत का वीडियो बना चर्चा का विषय