उन्नाव रेप केस: पीड़िता ने शेयर किया अपना दर्द, कोर्ट की बहस अंग्रेजी में होने से बढ़ा संघर्ष

उन्नाव 

यूपी का उन्नाव रेप केस, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था, एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. इस बार वजह है दिल्ली हाई कोर्ट का हालिया आदेश, जिसने आरोपी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बेल देने की बात कही है ने पीड़िता के पुराने जख्मों को फिर से हरा कर दिया है. इस आदेश के बाद पीड़िता ने आजतक से अपना हर एक-एक दर्द बयां किया. पीड़िता ने आरोप लगाया कि इंडिया गेट प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उसे जबरन गाड़ी में डाला, खींचा और धक्का दिया. उन्होंने बताया कि मेरे पूरे शरीर में करीब 250 टांके हैं, हाथ-पैर में रॉड पड़ी है. फिर भी पुलिस ने मुझे घसीटा. मुझे बहुत दर्द हुआ.

मैं कोर्ट गई थी, लेकिन खुद को बेबस महसूस किया

दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पीड़िता ने कहा, मैं हाई कोर्ट गई थी. जब जजमेंट सुन रही थी, तो विरोध करने की कोशिश की, लेकिन वहां मेरी आवाज कौन सुनता ? पूरी बहस अंग्रेजी में हो रही थी. अगर बहस हिंदी में होती, तो शायद मैं पूछ पाती कि मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है. पीड़िता का कहना है कि उसे यह अहसास हुआ कि आम लोगों, खासकर गरीब और पीड़ित महिलाओं के लिए कितनी न्याय कितनी जटिल हो गई है.

इतना दुख हुआ कि सुसाइड का ख्याल आया

पीड़िता ने बेहद भावुक होकर बताया कि फैसले के बाद वह पूरी तरह टूट गई थी. मुझे इतना दुख हुआ, इतना आहत हुई कि लगा मैं सुसाइड कर लूं. लेकिन फिर अपने बच्चों को देखा, अपने परिवार को सोचा. मरने से इंसाफ नहीं मिलेगा. अगर भगवान ने मुझे जिंदा रखा है, तो शायद संघर्ष के लिए रखा है. उसका सवाल सीधा है कि अगर ऐसे जघन्य अपराध के आरोपी को जमानत मिल सकती है, तो पीड़ित और गवाह आखिर कैसे सुरक्षित रहेंगे ?

सुरक्षा हटने का आरोप, डर के साए में परिवार

पीड़िता ने आरोप लगाया कि जमानत की प्रक्रिया के दौरान और उसके बाद उनके परिवार, पैरोकारों और गवाहों की सुरक्षा धीरे-धीरे हटा ली गई. मेरे चाचा की बेल खारिज हो चुकी है, लेकिन उसके बाद हमारे गवाहों की सुरक्षा हटाई गई. हमने पुलिस से लेकर कोर्ट तक कई बार आवेदन दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. पीड़िता का कहना है कि जब आरोपी प्रभावशाली हो, तो डर सिर्फ जेल से बाहर आने का नहीं होता, बल्कि उसके समर्थकों और नेटवर्क से भी होता है.

आज मेरे साथ हुआ है, कल मेरी बेटी के साथ हो सकता है

पीड़िता की आंखों में आंसू आ जाते हैं जब वह भविष्य की बात करती है. वह कहती है कि आज मेरे साथ हुआ है. कल मेरी बेटी के साथ हो सकता है, मेरे बेटे के साथ हो सकता है. मैं मां हूं, मैंने झेल लिया. लेकिन मेरी बेटी कैसे झेलेगी। उन्होंने कहा कि इस फैसले ने सिर्फ उसे नहीं, बल्कि हर उस बेटी को डरा दिया है जो न्याय की उम्मीद लेकर जी रही है.

मेरे चाचा ने कोई अपराध नहीं किया, फिर भी 7 साल से जेल में हैं

पीड़िता ने एक और गंभीर सवाल उठाया. कहा कि मेरे चाचा ने न किसी बेटी को छेड़ा, न किसी के साथ रेप किया, फिर भी सात साल से जेल में हैं. और जिसने मेरे साथ यह किया, जो सत्ता में ताकतवर है, उसे जमानत मिल रही है.उसने खुलकर कहा कि आरोपी एक समय सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़ा रहा है, यही वजह है कि सिस्टम उसके आगे कमजोर नजर आता है.

रेप के आरोपी को बेल, यह इतिहास का पहला फैसला ?

पीड़िता का दावा है कि गैंगरेप जैसे मामले में जमानत मिलना अपने-आप में खतरनाक संकेत है. अगर रेप में बेल मिल गई, तो मर्डर केस में भी मिल जाएगी. यही डर सता रहा है. उसने कहा कि जब एक लड़की के साथ रेप होता है और उसके पिता की हत्या तक हो जाती है, उसके बाद भी अगर आरोपी को राहत मिलती है, तो यह न्याय व्यवस्था पर बड़ा सवाल है.

इंडिया गेट पर प्रदर्शन और पुलिस पर गंभीर आरोप

हाई कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता ने इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की कोशिश की, पीड़िता का कहना है कि वहां जो हुआ, उसने और तोड़ दिया. पुलिस ने कहा कि यहां धरना देना एलाउड नहीं है. मैंने पूछा अगर धरना एलाउड नहीं है, तो क्या रेप एलाउड है ? बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा क्या सिर्फ पोस्टरों तक सीमित है ? पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे जबरन गाड़ी में डाला, खींचा और धक्का दिया. उन्होंने बताया कि मेरे पूरे शरीर में करीब 250 टांके हैं, हाथ-पैर में रॉड पड़ी है. फिर भी पुलिस ने मुझे घसीटा. मुझे बहुत दर्द हुआ.

मुझे बंधक बनाकर रखा गया

पीड़िता का दावा है कि उसे एक घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और कहा गया कि वह आरोपी के खिलाफ न बोले. पुलिस वाले कह रहे थे तुम कुलदीप सेंगर के खिलाफ मत बोलो. इतना ही नहीं, उसने एक पुलिस अधिकारी पर शराब पीकर ड्यूटी करने का आरोप भी लगाया.

पैसे में बहुत ताकत होती है

पीड़िता ने कहा कि उसे लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. हमने कई एप्लीकेशन दी हैं कि हमें खतरा है. कहा जा रहा है कि बाहर निकलते ही खत्म कर देंगे. पैसे में बहुत ताकत होती है, भैया. उसका कहना है कि सिर्फ सीआरपीएफ की तैनाती सुरक्षा की गारंटी नहीं बन सकती.

हम चुप नहीं बैठेंगे, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

पीड़िता ने साफ किया कि वह अब पीछे हटने वाली नहीं है. जब तक आरोपी की बेल खारिज नहीं होती, हम शांत नहीं बैठेंगे. चाहे मुझे जेल ही क्यों न जाना पड़े. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा जताया. कहा कि मुझे आंख बंद करके भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट मुझे न्याय देगा. जैसे ही कोर्ट खुलेगा, हम वहां एप्लीकेशन लगाएंगे.

admin

Related Posts

धर्म के वेश में अधर्म? शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले — साधु बनकर राक्षसी कर्म

वाराणसी प्रयागराज में माघ अमावस्या से ही प्रशासन और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी बीच शंकराचार्य का एक और बड़ा बयान सामने आया है।…

UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया रोक, मायावती ने उठाया जातिगत भेदभाव का मुद्दा

लखनऊ यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले पर विपक्षी नेताओं के भी रिएक्शन आने शुरू हो गए हैं। केंद्र सरकार को नसीहत देते हुए बसपा प्रमुख…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

प्लेऑफ की जंग तेज: मुंबई–गुजरात भिड़ंत में हारने वाली टीम पर लटक सकती है बाहर होने की तलवार

  • By admin
  • January 29, 2026
  • 2 views
प्लेऑफ की जंग तेज: मुंबई–गुजरात भिड़ंत में हारने वाली टीम पर लटक सकती है बाहर होने की तलवार

किसे मिला दिग्गजों में स्थान? रवि शास्त्री की टॉप-5 लिस्ट से रोहित शर्मा गायब

  • By admin
  • January 29, 2026
  • 2 views
किसे मिला दिग्गजों में स्थान? रवि शास्त्री की टॉप-5 लिस्ट से रोहित शर्मा गायब

क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी! T20 वर्ल्ड कप से पहले कोलंबो स्टेडियम हुआ अपग्रेड, पुरानी कमी खत्म

  • By admin
  • January 29, 2026
  • 2 views
क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी! T20 वर्ल्ड कप से पहले कोलंबो स्टेडियम हुआ अपग्रेड, पुरानी कमी खत्म

ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम में बदलाव, सोफी मोलिनेक्स नई कप्तान, भारत के खिलाफ पहले मैच से जिम्मेदारी

  • By admin
  • January 29, 2026
  • 0 views
ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम में बदलाव, सोफी मोलिनेक्स नई कप्तान, भारत के खिलाफ पहले मैच से जिम्मेदारी

ऑस्ट्रेलियन ओपन: एरिना सबालेंका ने फाइनल में बनाई जगह, स्वितोलिना को मात

  • By admin
  • January 29, 2026
  • 0 views
ऑस्ट्रेलियन ओपन: एरिना सबालेंका ने फाइनल में बनाई जगह, स्वितोलिना को मात

T20 में भारतीय बल्लेबाजों का रिकॉर्ड: 40 मैचों में टीम ऑलआउट केवल 4 बार

  • By admin
  • January 29, 2026
  • 0 views
T20 में भारतीय बल्लेबाजों का रिकॉर्ड: 40 मैचों में टीम ऑलआउट केवल 4 बार