हाईटेक विधानसभा की ओर कदम: भोपाल में विधायकों को पेपरलेस कार्य प्रणाली सिखाई जाएगी

भोपाल

 मध्य प्रदेश की विधानसभा अब पूरी तरह डिजिटल होने वाली है. सारा कामकाज पेपरलेस होगा. ये व्यवस्था अगले विधानसभा सत्र से लागू की जाएगी. इस नए सिस्टम से प्रदेश के 230 विधायकों को रूबरू कराने के लिए मंगलवार (23 दिसंबर) को ट्रेनिंग दी जाएगी.

ई-विधान के तहत प्रशिक्षण
एमपी विधानसभा के मानसरोवर सभागार में मंगलवार (23 दिसंबर) को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक विधायकों को ट्रेनिंग दी जाएगी. ये ट्रेनिंग राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन के तहत दी जाएगी. संसदीय कार्य मंत्रालय के अधिकारी माननीयों को प्रशिक्षण देंगे. देश की विधायी व्यवस्था को मॉडर्न, ट्रांसपेरेंट और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में इस शुरू किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट के तहत भारतीय संसद और देश के सभी राज्यों की विधानसभा को पेपरलेस बनाया जा रहा है.

भोपाल पहुंचेंगे सभी विधायक 

एमपी के सभी विधायक आज से भोपाल पहुंचना शुरू हो जाएंगे. क्योंकि विधानसभा मानसरोवर सभागार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक विधायकों को  संसदीय कार्य मंत्रालय दिल्ली के एक्सपर्ट की तरफ से ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर समेत बीजेपी कांग्रेस के सीनियर विधायक शामिल होंगे. एमपी विधानसभा में ऑनलाइन काम को लेकर नरेंद्र सिंह तोमर लगातार जोर दे रहे हैं. क्योंकि यह आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है. यह परियोजना देश के कई राज्यों की विधानसभाओं में लागू हो रही है, क्योंकि इसके जरिए विधानसभा को पूरी तरह से पेपरलेस बनाना है, ताकि कागज के उपयोग को बचाया जा सके. 

विधायकों को होगा फायदा 

एमपी विधानसभा में ऑनलाइन काम से सबसे ज्यादा फायदा विधायकों का ही होने वाला है. विधायकों को कागज के बड़े बंडल अपने साथ नहीं ले जाने होंगे. वहीं प्रस्ताव और चर्चा के लिए प्रश्न आसानी से जाएंगे. पुराने सवालों का जवाब और उसके दस्तावेज एक ही जगह पर आसानी से मिलेंगे. वहीं किसी भी बिल या अन्य मुद्दों पर वोटिंग के लिए भी अपनी आसानी से दे सकेंगे. पर्यावरण संरक्षण यानि कागजों की बचत में भी उपयोगी काम होगा. डिजिटल काम विधायी रिकॉर्ड भी सुरक्षित होगा. वही विधानसभा के काम भी तेजी आएगी और सारी जानकारी आम आदमी को भी ऑनलाइन विधानसभा की साइड पर मिलेगी. 

मध्य प्रदेश विधानसभा में अगला विधानसभा का सत्र ऑनलाइन ही होगा, ऐसे में पूरी कार्रवाई के लिए लगातार इस प्रक्रिया में काम किया जा रहा है, जिसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से भी लगातार सहयोग हो रहा है. क्योंकि एमपी विधानसभा में ऑनलाइन काम की तैयारियां लंबे समय से चल रही है, जिस पर अब तेजी से अमल किया जा रहा है. जो राज्य सरकार के आम लोगों के लिए भी उपयोगी साबित होगी.  

कैसे काम करता है NeVA प्लेटफॉर्म
NeVA यानी नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन एक ऐसा डिजिटल सिस्टम है, जिसमें विधानसभा की पूरी कार्यवाही रियल-टाइम में दर्ज होती है। विधायकों को लॉगिन के माध्यम से सभी दस्तावेज, प्रस्ताव और रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध हो जाती हैं। यह परियोजना “वन नेशन, वन एप्लिकेशन” की अवधारणा पर आधारित है, जिससे देशभर की विधानसभाओं में एकरूपता लाई जा सके।

आगे की योजना
विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण के बाद चरणबद्ध तरीके से पेपरलेस कार्यप्रणाली को पूरी तरह लागू किया जाएगा। शुरुआती दौर में तकनीकी सहायता टीम भी मौजूद रहेगी, ताकि विधायकों को किसी तरह की असुविधा न हो।

क्यों अहम है यह पहल
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह विधानसभा की कार्यक्षमता और जवाबदेही बढ़ाने में भी सहायक होगा। मध्य प्रदेश विधानसभा का यह डिजिटल बदलाव अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।

इस व्यवस्था से क्या फायदा होगा?
बजट सत्र से मध्य प्रदेश की विधानसभा को पेपरलेस करने की योजना है, यानी सारे कार्य डिजिटल तरीके से किए जाएंगे. इस व्यवस्था के लागू होने के बाद विधायकों, सचिवालय और आम लोगों को फायदा होगा. विधायकों को कागजों के भारी बंडल से मुक्ति मिलेगी. प्रश्न को आसानी से पूछा जा सकेगा. मतदान और उपस्थिति दर्ज कराने में आसानी होगी.

वहीं, सचिवालय के कामकाज में तेजी आएगी. फाइल मैनेजमेंट आसान और तेज होगा. कर्मचारियों का समय और मेहनत भी बचेगी. आम जनता को भी इससे लाभ होगा. विधानसभा की कार्यवाही में पारदर्शिता आने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा.

क्या है ई-विधान प्रोजेक्ट?
नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (National E-Vidhan Application) एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है. इसकी मदद से संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही को ऑनलाइन और रियल टाइम तरीके से संचालित की जाती है. ये पूरे देश की विधानसभाओं और संसद को एक करती है.

admin

Related Posts

जबलपुर क्रूज हादसा: 24 को बचाया, 9 लापता; मुआवजे के तौर पर परिवारों को ₹4 लाख देने का ऐलान

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। अब तक 9 शव मिल चुके…

प्री-मानसून की एंट्री इस तारीख को, एमपी में अगले 72 घंटे रहेगा आंधी-बारिश अलर्ट

ग्वालियर बीते एक सप्ताह से झुलसा रही गर्मी के बीच मौसम ने राहत की ठंडी सांस दी। हल्के बादलों और धूल भरी हवा के असर से सूरज की तपिश फीकी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

वेपिंग विवाद में फंसे : का ड्रेसिंग रूम क्यों बना सवालों के घेरे में?

  • By admin
  • May 1, 2026
  • 1 views
वेपिंग विवाद में फंसे : का ड्रेसिंग रूम क्यों बना सवालों के घेरे में?

रियान पराग की टीम का पलड़ा भारी, दबाव में दिल्ली कैपिटल्स

  • By admin
  • May 1, 2026
  • 1 views
रियान पराग की टीम का पलड़ा भारी, दबाव में दिल्ली कैपिटल्स

कोहली के 450 छक्के, बटलर के 200 IPL सिक्स और गुजरात की जीत

  • By admin
  • May 1, 2026
  • 1 views
कोहली के 450 छक्के, बटलर के 200 IPL सिक्स और गुजरात की जीत

RCB की पारी ढही: 155 रन पर खत्म, अरशद-होल्डर चमके

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 3 views
RCB की पारी ढही: 155 रन पर खत्म, अरशद-होल्डर चमके

पंत की मुश्किलें बढ़ीं, संजू सैमसन बन सकते हैं भारत के नए विकेटकीपर

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 3 views
पंत की मुश्किलें बढ़ीं, संजू सैमसन बन सकते हैं भारत के नए विकेटकीपर

गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ जीता टॉस

  • By admin
  • April 30, 2026
  • 3 views
गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ जीता टॉस