युद्ध की आंच में रूस का खतरनाक मिसाइल परीक्षण, इसे रोक पाना लगभग नामुमकिन

यूक्रेन
रूस और यूक्रेन के बीच यु्द्ध जारी है। संघर्ष के बीच रूस ने अपनी सबसे नई परमाणु ऊर्जा से चलने वाली क्रूज मिसाइल 'बुरेवेस्टनिक' का सफल परीक्षण पूरा कर लिया। रूस के उच्च स्तरीय सैन्य अधिकारी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इस सफलता की जानकारी दी। यह मिसाइल परमाणु ऊर्जा पर निर्भर होने के चलते असीमित दूरी तय कर सकती है और इसमें परमाणु हथियार लादने की सुविधा भी है। रूसी सेना के महानिदेशालय प्रमुख जनरल वालेरी गेरासिमोव ने पुतिन को बताया कि मिसाइल ने 14000 किलोमीटर (करीब 8,700 मील) का सफर तय किया और हवाई क्षेत्र में लगभग 15 घंटे तक क्रियाशील रही।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन के अनुसार, 9एम730 बुरेवेस्टनिक (स्टॉर्म पेट्रेल), जिसे नाटो ने एसएससी-एक्स-9 स्काईफॉल नाम दिया है, वर्तमान और भविष्य की मिसाइल रक्षा प्रणालियों के खिलाफ 'अजेय' है। इसकी सीमा लगभग अनंत है और उड़ान पथ अप्रत्याशित। रविवार के अपने भाषण में व्लादिमीर पुतिन ने गेरासिमोव को आदेश दिया कि बुरेवेस्टनिक के मुख्य परीक्षण अब समाप्त हो चुके हैं, इसलिए मिसाइलों की तैनाती से पहले अंतिम तैयारी के चरण पर तत्काल काम शुरू कर दिया जाए।

क्या है बुरेवेस्तनिक?
बुरेवेस्तनिक एक उच्च कोटी की क्रूज मिसाइल है, जो पारंपरिक मिसाइलों से पूरी तरह अलग है। इसकी खासियत एक छोटा परमाणु रिएक्टर है, जो इसे असीमित दूरी तय करने की क्षमता प्रदान करता है। सामान्य मिसाइलें ईंधन समाप्त होने पर रुक जाती हैं, लेकिन यह परमाणु ऊर्जा से संचालित होती है, जिससे यह हफ्तों या महीनों तक लगातार उड़ान भर सकती है। रूसी भाषा में इसका नाम स्टॉर्म पेट्रेल (तूफानी पक्षी) है, जो तूफान की पूर्वसूचना की तरह खतरे का प्रतीक है। यह मात्र 50-100 मीटर की कम ऊंचाई पर उड़ती है, जिसके कारण रडार इसे आसानी से ट्रैक नहीं कर पाते।

इसमें परमाणु वारहेड (परमाणु विस्फोटक) फिट किया जा सकता है, जो विनाशकारी विस्फोट पैदा कर सकता है। यह इतिहास की पहली ऐसी हथियार प्रणाली है जो परमाणु प्रणोदन (न्यूक्लियर प्रोपल्शन) पर आधारित है। रूस का दावा है कि यह अमेरिका या नाटो के किसी भी मिसाइल रक्षा तंत्र को धोखा दे सकती है।

कैसे काम करता है बुरेवेस्तनिक?
अब सवाल उठता है कि बुरेवेस्तनिक कैसे काम करता है। सामान्य क्रूज मिसाइलें जेट इंजन पर निर्भर होती हैं, लेकिन बुरेवेस्तनिक में एक कॉम्पैक्ट परमाणु रिएक्टर स्थापित होता है। यह रिएक्टर हवा को अत्यधिक गर्म करता है, जो फैलते हुए मिसाइल को आगे की ओर धकेलता है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि ईंधन की कोई कमी नहीं होती, इसलिए यह पृथ्वी की परिक्रमा कई बार कर सकती है।

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