Chhattisgarh HC की चेतावनी: नौकरी की स्थायीत्व के लिए केवल Probation नहीं, रिपोर्ट भी होगी निर्णायक

बिलासपुर
हाई कोर्ट ने एक सर्विस संबंधी मामले में महत्वपूर्व आदेश देते हुए कहा है कि सिर्फ परिवीक्षा अवधि (Probation period) पूरी होने पर स्थायीकरण और पदोन्नति का दावा अधिकार के रूप में नहीं किया जा सकता। प्रतिकूल कार्य एवं आचरण रिपोर्ट के आधार पर प्रमोशन दिया जाना, या नहीं देना भेदभाव नहीं माना जाएगा।

प्रकरण के अनुसार हाई कोर्ट ने अनुवादक के पद को भरने के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया था। अपीलकर्ता शैलेन्द्र सोनी और अन्य उम्मीदवारों ने पद के लिए आवेदन किया। परीक्षा के बाद अपीलकर्ता और अन्य प्रतिवादी को 29 फरवरी 2012 को अनुवादक के पद पर नियुक्त किया गया। प्रतिवादी अपीलकर्ता से कनिष्ठ था। दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बाद शैलेन्द्र के साथ के अन्य परिवीक्षा कर्मी को सात मार्च 2014 से पद पर स्थायी कर दिया गया। 27 जनवरी 2015 को उसको सहायक ग्रेड-1 के पद पर पदोन्नत किया गया। हालांकि अपीलकर्ता की सर्विस की उस समय पुष्टि नहीं की गई।

देर से स्थायी होने के कारण प्रमोशन से वंचित
शैलेन्द्र का अनुवादक के पद पर स्थायीकरण देर से हुआ। इस कारण उसके सहकर्मी को दी गई पदोन्नति के लिए वह अयोग्य हो गया। व्यथित होकर उसने 29 अप्रैल 2015 को एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया, जिसमें प्रतिवादी से अपनी वरिष्ठता बनाए रखने के लिए पूर्वव्यापी प्रभाव से स्थायीकरण और पदोन्नति का अनुरोध किया।अभ्यावेदन पर विचार नहीं किया गया। इस पर शैलेंद्र ने हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की। सिंगल बेंच ने 16 जुलाई 2025 को याचिका खारिज कर दी। इससे व्यथित होकर अपीलकर्ता कर्मचारी ने डिवीजन बेंच में अपील दायर की।

कार्य और आचरण रिपोर्ट अलग-अलग, इसलिए भेदभाव नहीं
डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद सिंगल बेंच के निष्कर्ष को उचित माना, जिसमें कहा गया था कि कार्य और आचरण रिपोर्ट और एसीआर अलग-अलग हैं। हाई कोर्ट प्रशासन ने तर्क दिया कि मार्च 2014 में अपीलकर्ता की दो साल की परिवीक्षा अवधि पूरी होने पर उसके कार्य और आचरण पर रिपोर्ट अच्छी और औसत नहीं पाई गई।

admin

Related Posts

अफीम के अवैध धंधे पर सरकार का शिकंजा, CM साय बोले- नक्सली हों या प्रभावशाली, सब पर वार

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अफीम की अवैध खेती, विदेश नीति और नक्सलियों के आत्मसमर्पण जैसे मुद्दों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में कहीं भी…

CGPSC अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को दिए ज्वाइनिंग के निर्देश

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने CGPSC 2021 के चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग देने के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। इसकी सुनवाई…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

IPL की डिफेंडिंग चैम्पियन RCB बिकने के बाद 16,706 करोड़ में, जानें नया मालिक कौन है

  • By admin
  • March 25, 2026
  • 0 views
IPL की डिफेंडिंग चैम्पियन RCB बिकने के बाद 16,706 करोड़ में, जानें नया मालिक कौन है

इम्पैक्ट प्लेयर बनकर उतरे धोनी, आकाश चोपड़ा ने उठाए सवाल – ‘ये तरीका सही नहीं’

  • By admin
  • March 24, 2026
  • 1 views
इम्पैक्ट प्लेयर बनकर उतरे धोनी, आकाश चोपड़ा ने उठाए सवाल – ‘ये तरीका सही नहीं’

आईपीएल 2026 से पहले गरजा विराट कोहली का बल्ला, इन खिलाड़ियों ने दिखाया अपना दम

  • By admin
  • March 24, 2026
  • 2 views
आईपीएल 2026 से पहले गरजा विराट कोहली का बल्ला, इन खिलाड़ियों ने दिखाया अपना दम

भगदड़ के शिकार दर्शकों को श्रद्धांजलि: चिन्नास्वामी में 11 सीटें स्थायी रूप से रहेंगी खाली

  • By admin
  • March 24, 2026
  • 0 views
भगदड़ के शिकार दर्शकों को श्रद्धांजलि: चिन्नास्वामी में 11 सीटें स्थायी रूप से रहेंगी खाली

दिल्ली गोल्फ क्लब मेंबर्स लीग का पांचवां संस्करण 26 मार्च से

  • By admin
  • March 24, 2026
  • 0 views
दिल्ली गोल्फ क्लब मेंबर्स लीग का पांचवां संस्करण 26 मार्च से

महिला टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, युवा चेहरों को मौका

  • By admin
  • March 24, 2026
  • 1 views
महिला टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, युवा चेहरों को मौका