बांसवाड़ा में न्यूक्लियर पावर का नया अध्याय, राजस्थान की बिजली समस्या का समाधान निकला

बांसवाड़ा  
देश में परमाणु ऊर्जा का विस्तार तेजी से हो रहा है और इसी के तहत राजस्थान में रावतभाटा के बाद अब बांसवाड़ा में दूसरा परमाणु बिजलीघर का शिलान्यास होने जा रहा है, जिससे न सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे देश को बड़ी सौगात मिलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस परियोजना की आधारशिला रखी जाएगी. भारत में वर्तमान में 7 परमाणु बिजलीघरों में 22 रिएक्टर काम कर रहे हैं. इनकी कुल क्षमता 6,780 मेगावाट है. राजस्थान का रावतभाटा परमाणु ऊर्जा स्टेशन पहले से ही देश के सबसे बड़े स्टेशनों में से एक है. अब बांसवाड़ा में 700-700 मेगावाट की चार इकाइयों वाला एक नया परमाणु बिजलीघर स्थापित होने जा रहा है, जिसकी कुल क्षमता 2800 मेगावाट होगी. यह परियोजना भारत के 2031 तक अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को 22,480 मेगावाट तक बढ़ाने के लक्ष्य में एक मील का पत्थर साबित होगी.

बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे
इस परियोजना से यह परमाणु बिजलीघर स्वच्छ ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत होगा, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद मिलेगी. यह भारत की वैश्विक प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में भी सहायक होगा. साथ ही इस परियोजना से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे. अनुमान है कि इसके निर्माण और संचालन के दौरान 5,000 लोगों को प्रत्यक्ष और 20,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा.

यह आदिवासी बहुल बांसवाड़ा क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर होगा. वहीं इस परियोजना के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना, जैसे कि सड़कों और परिवहन नेटवर्क, का भी विकास होगा. इससे क्षेत्र में समग्र आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और जीवन स्तर में सुधार होगा. इस बिजलीघर से 2800 मेगावाट बिजली उत्पादन से राजस्थान की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

अमेरिका और फ्रांस परमाणु ऊर्जा में अग्रणी
विश्व में, अमेरिका (93 रिएक्टर) और फ्रांस (56 रिएक्टर) जैसे देश परमाणु ऊर्जा में अग्रणी हैं. भारत भी अब इस दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहा है और बांसवाड़ा परियोजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. 2036 तक पूरी तरह से चालू होने की उम्मीद के साथ, यह परियोजना बांसवाड़ा को सिर्फ एक जिला नहीं, बल्कि देश के ऊर्जा मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण केंद्र बना देगी.

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