पौधे लगाने का काम शुरू: सिंगरौली, खंडवा, रायसेन और देवास में लक्ष्य से अधिक स्वीकृति

भोपाल
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान 2.0 से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में मनरेगा योजना के अंतर्गत एक बगिया मां के नाम से परियोजना शुरू की है। इसके माध्यम से स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया जा रहा है। समूह की महिलाओं की निजी भूमि पर फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। फलोद्यान की बगिया विकसित करने में प्रदेश में सिंगरौली, खंडवा, रायसेन और देवास जिलों की महिलाएं सबसे अधिक जागरूक दिखाई दे रही हैं। इन जिलों की महिलाओं ने निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण कर लिया है। सिंगरौली जिले में समूह की 300 महिलाओं को परियोजना का लाभ दिए जाने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि यहां 571 महिलाओं को फलदार पौधे लगाने की स्वीकृति मिली है। इसी तरह से खंडवा जिले में 700 की जगह 1187, रायसेन जिले में 700 की जगह 1178 और देवास जिले में 600 की जगह 751 महिलाओं को फलोद्यान की बगिया लगाने की स्वीकृति मिली है।

अब तक 15 हजार 377 महिलाओं को मिली स्वीकृति
प्रदेश में समूह की 31 हजार 300 महिलाओं को एक बगिया मां के नाम परियोजना का लाभ दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 15 हजार 377 महिलाओं को फलोद्यान की बगिया लगाने की स्वीकृति भी मिल चुकी है। साथ ही इन महिलाओं की निजी जमीन पर विभिन्न प्रकार के फलदार पौधों को लगाने का कार्य भी शुरू हो गया है। पौधों की सुरक्षा से लेकर कटीले तार की फेंसिंग, पौधे खरीदने, खाद, गड्ढे खोदने के साथ ही सिंचाई के लिए 50 हजार लीटर का जल कुंड बनाने के लिए राशि भी उपलब्ध कराई जा रही है।

ड्रोन से निगरानी
एक बगिया मां के नाम परियोजना अंतर्गत किए जा रहे पौधरोपण की मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक डेव्हलेपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा ड्रोन के माध्यम से मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि चयनित जमीन, गड्ढे सहित पौधों की यथास्थिति के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त हो सकें।

सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद से किया जा रहा पौधरोपण का कार्य
प्रदेश में पहली बार पौधरोपण का कार्य सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जा रहा है। जलवायु के साथ ही किस जमीन पर कौन सा फलदार पौधा उपयोगी है, पौधा कब और किस समय लगाया जाएगा, पौधों की सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी कहां पर उपलब्ध है, यह सब वैज्ञानिक पद्धति (सिपरी सॉफ्टवेयर) के माध्यम से पता लगाया जा रहा है। साथ ही जमीन के उपयोगी नहीं पाए जाने पर पौधरोपण का कार्य नहीं होगा। ।

30 लाख लगाए जाएंगे फलदार पौधे
प्रदेश में “एक बगिया मां के नाम’’ परियोजना अंतर्गत 31 हजार 300 स्व-सहायता समूह की महिलाओं की निजी जमीन पर 30 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाएं जाएंगे, जो समूह की महिलाओं की आर्थिक उन्नति का आधार बनेंगे।

प्रथम 3 जिले, 10 जनपद और 25 ग्राम पंचायत को मिलेगा पुरस्कार
एक बगिया मां के नाम परियोजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रथम 3 जिले, 10 जनपद पंचायत और 25 ग्राम पंचायत को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यवेक्षण के लिए अलग से एक डैशबोर्ड बनाया गया है। इसके माध्यम से प्रतिदिन किस जिले में कितना कार्य हो रहा है, इसकी निगरानी की जा रही है। एक बगिया मां के नाम परियोजना का लाभ लेने के लिए चयनित हुई समूह की महिला के पास बगिया लगाने के लिए भूमि भी निर्धारित की गई है। चयनित महिला के पास न्यूनतम 0.5 डिसमिल या अधिकतम एक एकड़ जमीन होना अनिवार्य है।

क्रियान्वयन में टॉप-10 जिले व ब्लॉक
एक बगिया मां के नाम परियोजना के क्रियान्वयन में 10 सितंबर की स्थिति में 10 जिले आगे हैं। इसमें सिंगरौली, खंडवा, रायसेन, देवास, छिंदवाड़ा, आगर मालवा, बैतूल, खरगोन, सागर और बड़वानी जिला शामिल है। वहीं टॉप 10 ब्लॉक में चितरंगी, खंडवा, पंधाना, खालवा, बैढ़न, छैगांव माखन, पुनासा, देवसर, हरसूद और मुलताई शामिल है।

 

  • admin

    Related Posts

    किसानों के खाते में ₹4000 जमा होंगे एक साथ, जानें इस योजना की पूरी डिटेल

    भोपाल मध्य प्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना (CM Kisan Kalyan Yojana) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। इस योजना के तहत किसानों को हर साल…

    उज्जैन में खुला नैवेद्य लोक, जहां इंदौर की छप्पन दुकान जैसा लजीज स्वाद मिलेगा

    उज्जैन   इंदौर की छप्पन दुकान की तरह उज्जैन में भी नैवेद्य लोक की शुरुआत हुई है। सीएम मोहन यादव ने नैवेद्य लोक का लोकार्पण किया है। भव्य नैवेद्य लोक उज्जैन…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    खेल

    ड्यूक्स गेंदों की सप्लाई संकट में, मिडिल ईस्ट टेंशन से इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट पर असर, ECB ने दी सफाई

    • By admin
    • March 21, 2026
    • 0 views
    ड्यूक्स गेंदों की सप्लाई संकट में, मिडिल ईस्ट टेंशन से इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट पर असर, ECB ने दी सफाई

    CSK जॉइन करते ही धोनी संग दिखे संजू सैमसन, बातचीत का वीडियो बना चर्चा का विषय

    • By admin
    • March 20, 2026
    • 2 views
    CSK जॉइन करते ही धोनी संग दिखे संजू सैमसन, बातचीत का वीडियो बना चर्चा का विषय

    WCA रैंकिंग में चौंकाने वाला नतीजा—IPL टॉप पर नहीं, जानिए किस लीग ने छीना ताज

    • By admin
    • March 20, 2026
    • 2 views
    WCA रैंकिंग में चौंकाने वाला नतीजा—IPL टॉप पर नहीं, जानिए किस लीग ने छीना ताज

    आखिरी बोगी नहीं रोक पाई जैस्मीन की रफ्तार, छठे चरण में 3 शॉट से आगे

    • By admin
    • March 20, 2026
    • 2 views
    आखिरी बोगी नहीं रोक पाई जैस्मीन की रफ्तार, छठे चरण में 3 शॉट से आगे

    रियान पराग की खास प्लानिंग: वैभव सूर्यवंशी को मीडिया से दूर रखने की वजह क्या?

    • By admin
    • March 20, 2026
    • 2 views
    रियान पराग की खास प्लानिंग: वैभव सूर्यवंशी को मीडिया से दूर रखने की वजह क्या?

    एशियन चैलेंज में भारत की युवा महिला टीम पर नजरें, कप्तान शुभांगी सिंह ने भरी हुंकार

    • By admin
    • March 20, 2026
    • 2 views
    एशियन चैलेंज में भारत की युवा महिला टीम पर नजरें, कप्तान शुभांगी सिंह ने भरी हुंकार