मध्य प्रदेश में मॉनसून सक्रिय, 13 जिलों में अलर्ट और 79% बारिश पूरी

भोपाल 

 मध्यप्रदेश में पिछले 12 दिन से बारिश के दौर थमा हुआ है, लेकिन आज, 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण कुछ जिलों में फिर बरसात होने की संभावना है। 15 अगस्त को पूरे प्रदेश में तेज पानी गिर सकता है। एमपी में अब तक 29.7 इंच औसत बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो वार्षिक कोटे (37 इंच) का 79% है।

 प्रदेश में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर चल रहा है। बुधवार को सीहोर, हरदा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अगस्त से बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इसकी वजह से पूरे प्रदेश में फिर से तेज बारिश शुरू हो सकती है। इससे पहले भी तेज बारिश होने का अलर्ट है। 

मौसम विभाग के अनुसार, 15 अगस्त से बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इसकी वजह से पूरे प्रदेश में फिर से तेज बारिश शुरू हो सकती है। बुधवार को सीहोर, हरदा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है।

उमरिया में ढाई इंच से ज्यादा बारिश मंगलवार को उमरिया में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिर गया। ग्वालियर में आधा इंच से ज्यादा, सीधी में आधा इंच बारिश हुई। इंदौर, पचमढ़ी, बालाघाट, सागर, रीवा, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, मैहर, दमोह समेत कई जिलों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई।

13 अगस्त को कहां होगी बारिश
मध्य प्रदेश में 13 अगस्त को सीहोर, रायसेन, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांर्ढुना, बालाघाट, सिवनी, डिंडौरी, मंडला और अनूपपुर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। जबकि, अन्य जिलों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। 

उमरिया में ढाई इंच से ज्यादा गिरा पानी
मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। उमरिया में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिर गया। ग्वालियर में आधा इंच से ज्यादा बारिश हुई और सीधी में आधा इंच पानी गिरा। इंदौर, पचमढ़ी, बालाघाट, सागर, रीवा, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, मैहर, दमोह समेत कई जिलों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई हुई

प्रदेश में अब तक 29.7 इंच बारिश हुई
प्रदेश की औसत बारिश 37 इंच है, जबकि 29.7 इंच पानी गिर चुका है। ऐसे में कोटे से सिर्फ 7.3 इंच दूर है। दूसरी ओर, अब तक 6.6 इंच ज्यादा यानी, 23.1 इंच बारिश हो चुकी है। पिछले 12 दिन से भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में तेज बारिश का दौर थमा हुआ है। इस वजह से इंदौर-उज्जैन संभाग में सूखे जैसे हाल है।

प्रदेश में फिर शुरू होगा बारिश का दौर
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अभी एक ट्रफ और एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम की एक्टिविटी है। इस वजह से प्रदेश में बारिश हो रही है। 13 अगस्त से उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर से साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम एक्टिव होने की संभावना है। अगले 24 घंटे में यह और अधिक स्पष्ट हो जाएगा। इससे बारिश का दौर फिर से शुरू होगा। 

1 जून से 12अगस्त तक कहां कितनी हुई वर्षा

    मध्य प्रदेश में औसत से 28% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 35% अधिक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22% अधिक वर्षा हुई। प्रदेश में अब तक 10 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन इंदौर व उज्जैन संभाग के जिलों की स्थिति ठीक नहीं है।

कोटे से सिर्फ 7.3 इंच दूर मध्य प्रदेश की औसत बारिश 37 इंच है जबकि 29.7 इंच पानी गिर चुका है। ऐसे में बारिश का आंकड़ा कोटे से सिर्फ 7.3 इंच दूर है। अब तक 6.6 इंच ज्यादा यानी 23.1 इंच बारिश हो चुकी है।

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अभी एक ट्रफ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की एक्टिविटी है। 13 अगस्त से उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर से साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव होने की संभावना है। अगले 24 घंटे में यह और अधिक स्पष्ट हो जाएगा। इससे बारिश का दौर फिर शुरू होगा।

तेज झड़ी लगते ही कोटा फुल होगा मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दूसरे पखवाड़े में तेज बारिश का दौर शुरू होगा, जो महीने के आखिरी तक चलता रहेगा। ऐसे में कई जिलों में बारिश का कोटा अगस्त में ही पूरा हो जाएगा।

अब तक ग्वालियर समेत 10 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है लेकिन इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों की तस्वीर बेहतर नहीं है। जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 35% और पश्चिमी हिस्से यानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में 22% बारिश अधिक हुई है। अब तक ओवरऑल 29 प्रतिशत बारिश ज्यादा हो चुकी है।

    पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 37% और पश्चिमी हिस्से यानी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में 25% बारिश अधिक हुई है। इस बार सबसे ज्यादा पानी गुना में गिरा है। यहां 45.8 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में 45.1 इंच, मंडला-टीकमगढ़ में 44 इंच और अशोकनगर में 42 इंच के करीब बारिश हो चुकी है।

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