पीथमपुर के भस्मक संयंत्र परिसर में रखे 307 टन कचरे को नष्ट करने का अंतिम चरण दो सप्ताह बाद शुरू होगा

इंदौर
धार जिले के पीथमपुर में विगत दिनों ट्रायल रन के तहत यूनियन कार्बाइड  के 30 टन कचरे को जलाकर नष्ट किया जा चुका है। अब पीथमपुर के भस्मक संयंत्र परिसर में रखे 307 टन कचरे को नष्ट करने का अंतिम चरण दो सप्ताह बाद शुरू होगा। यह संभावना जताई जा रही है कि 1 मई से संयंत्र में 270 किलो प्रति घंटे की दर से यूका के कचरे को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस संबंध में 21 अप्रैल को भोपाल में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भस्मक संयंत्र संचालित करने वाली कंपनी एनर्जी एनवायरो के प्रतिनिधियों की बैठक भी होने वाली है।
 
72 दिन में नष्ट करना है पूरा कचरा
हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, 72 दिन में इस पूरे कचरे को नष्ट करने का कार्य पूर्ण किया जाएगा। गौरतलब है कि पीथमपुर के भस्मक संयंत्र में 28 फरवरी से 9 मार्च के बीच 30 टन यूका के कचरे को ट्रायल रन के तहत नष्ट किया जा चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने एनर्जी इन्वयारों कंपनी को 307 टन यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने से पूर्व अपने प्लांट में आटोमेशन सिस्टम लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत यूका के कचरे को तौलकर निर्धारित मात्रा में भस्मक में डालने की प्रक्रिया ऑटोमेटिक वजन मापी यंत्र लगाने के लिए कहा गया है। पिछले ट्रायल रन में कचरे को मैन्युअली तौलकर कर्मचारी भस्मक संयंत्र में डाल रहे थे। वही भस्मक संयंत्र में ऑटोमेटिक मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि अभी भस्मक संयंत्र की चिमनी पर ही ऑटोमेटिक मॉनिटरिंग सेंसर के माध्यम से निगरानी की गई थी। इसके माध्यम से कचरा जलने के बाद उत्सर्जित होने वाली गैसों की मात्रा का पता चलता था।

900 टन निकलेगी राख, लैंडफिल के लिए अनुमति लेने का प्रयास
अभी 30 टन कचरा नष्ट करने के बाद 75 टन राख निकली है। 307 टन यूका का कचरा जलाने के बाद करीब 900 टन राख निकलेगी। ऐसे में इस राख को लैंडफिल में सुरक्षित तरीके से दबाया जाएगा। वर्तमान में भस्मक संयंत्र का संचालन करने वाली कंपनी के पास पांच लैंडफील साइट है। यूका के कचरे के जलाने के बाद बची राख को जमीन में दबाने के लिए अलग से लैंडफिल तैयार किया जाना है।

ऐसे में कंपनी इस संबंध के नया लैंडफिल तैयार करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति लेने का प्रयास कर रही है। अनुमति मिलने के बाद लैंडफिल तैयार करने के लिए खुदाई की जाएगी। तब तक एनर्जी इनवायरो कंपनी अपने परिसर में ही शेड में यूका कचरा जलाने के बाद बची हुई राख को रखेगी।

admin

Related Posts

उज्जैन के डायल-112 हीरोज घर की राह भटके मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक को सुरक्षित संरक्षण में लेकर थाने पहुँचाया

भोपाल उज्जैन जिले के थाना चिंतामन गणेश क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं तत्पर कार्यवाही से घर का रास्ता भटक गए मानसिक रूप से अस्वस्थ 10 वर्षीय बालक को…

स्वच्छता में नंबर-1 इंदौर अब भीषण जल संकट से जूझ रहा, तीन साल तक टैंकरों पर निर्भरता बढ़ी

इंदौर  देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर गंभीर जलसंकट से गुजर रहा है। हालत यह है कि 35 लाख से ज्यादा जनसंख्या वाला यह शहर आज भी पानी के मामले…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

Rajasthan Royals के लिए चमके वैभव सूर्यवंशी, फिर भी टीम नहीं खड़ा कर सकी बड़ा टोटल

  • By admin
  • May 27, 2026
  • 2 views
Rajasthan Royals के लिए चमके वैभव सूर्यवंशी, फिर भी टीम नहीं खड़ा कर सकी बड़ा टोटल

गांगुली ने चयनकर्ताओं को दी सलाह, वैभव सूर्यवंशी और आकिब नबी पर रखी बेबाक राय

  • By admin
  • May 27, 2026
  • 3 views
गांगुली ने चयनकर्ताओं को दी सलाह, वैभव सूर्यवंशी और आकिब नबी पर रखी बेबाक राय

गेल मोनफिल्स की भावुक विदाई, सबालेंका ने फ्रेंच ओपन में दर्ज की दमदार शुरुआत

  • By admin
  • May 27, 2026
  • 2 views
गेल मोनफिल्स की भावुक विदाई, सबालेंका ने फ्रेंच ओपन में दर्ज की दमदार शुरुआत

निशेश बसावरेड्डी का धमाका, फ्रेंच ओपन में अमेरिकी दिग्गज को हराकर दूसरी राउंड में पहुंचे

  • By admin
  • May 27, 2026
  • 2 views
निशेश बसावरेड्डी का धमाका, फ्रेंच ओपन में अमेरिकी दिग्गज को हराकर दूसरी राउंड में पहुंचे

सिंगापुर ओपन: भारत के कई खिलाड़ी बाहर, सिंधू और पुरुष डबल्स ने बढ़ाया उम्मीद का दायरा

  • By admin
  • May 27, 2026
  • 2 views
सिंगापुर ओपन: भारत के कई खिलाड़ी बाहर, सिंधू और पुरुष डबल्स ने बढ़ाया उम्मीद का दायरा

मेसी-रोनाल्डो-नेयमार युग का अंत? फीफा 2026 में दिखेगा आखिरी बार बड़ा सितारा कारवां

  • By admin
  • May 27, 2026
  • 2 views
मेसी-रोनाल्डो-नेयमार युग का अंत? फीफा 2026 में दिखेगा आखिरी बार बड़ा सितारा कारवां