बनासकांठा दुर्घटना के प्रभावित परिवारों को हर संभव की जा रही है मदद

भोपाल

गत दिनों गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में हरदा जिले के प्रभावित परिवारों को प्रशासन द्वारा हर संभव मदद देने की कार्यवाही लगातार जारी है। कलेक्टर आदित्य सिंह ने बताया कि दुर्घटना में मजदूर परिवारों के कुल 11 सदस्यों की मृत्यु हो गई थी। इन सभी 11 मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री सहायता कोष से दो-दो लाख रुपए तथा गुजरात शासन की ओर से चार-चार लाख रुपए की मदद स्वीकृत की गई है। इसके अलावा सभी 11 मृतकों के परिजन को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान की राशि से 2-2 लाख रुपए की मदद मृतकों के परिजनों को दी जा चुकी है। साथ ही संबल अनुग्रह योजना से 3 मृतक श्रमिक के परिवारों को चार-चार लाख रुपए की मदद भी दी गई है।

हरदा कलेक्टर सिंह ने बताया कि संबल योजना में पंजीबद्ध 8 मृतक मजदूरों के परिजनों को अंत्येष्टि सहायता के रूप में पांच-पांच हजार रुपए की सहायता भी दी गई है। उन्होंने बताया कि 2 घायल मजदूरों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 50-50 हजार रुपए तथा गुजरात सरकार की ओर से 50-50 हजार रुपए की सहायता देने की कार्यवाही जारी है। कलेक्टर सिंह ने बताया कि दोनों घायल मजदूरों को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 50-50 हजार रुपए की मदद दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों में से राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत पात्र पाए गए 2 परिवारों को 20-20 हजार रुपए स्वीकृत करने की कार्यवाही भी की जा रही है। इसके अलावा कुल 13 प्रभावित परिवारों में से 8 परिवारों को राशन पात्रता पर्ची जारी कर दी गई है और उन्हें अप्रैल माह का राशन प्रदान कर दिया गया है।

हरदा कलेक्टर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में पात्र पाए गए दो मृतक श्रमिकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत करने की कार्यवाही भी जारी है। इन दुर्घटना प्रभावित परिवारों में से प्रधानमंत्री आवास योजना में 2 परिवार पात्र पाए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास प्लस 2.0 योजना के तहत इन दोनों परिवारों के प्रधानमंत्री आवास के प्रकरण तैयार किये जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों के 2 बच्चों को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों के संरक्षण हेतु संचालित स्पॉन्सरशिप योजना के तहत उनके निकटतम परिजनों को संरक्षक घोषित करते हुए 4-4 हजार रुपए प्रतिमाह की मदद करने की कार्यवाही भी की जा रही है। सभी प्रभावित परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था भी जिला प्रशासन कर रहा है।

 

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