सड़कों पर उत्सव का माहौल दिखाई दिया, रामनवमी का पर्व शोभायात्राओं और ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ निकला

कोलकाता
पश्चिम बंगाल में रविवार सुबह ही रामनवमी का पर्व शोभायात्राओं और 'जय श्री राम' के नारों के साथ शुरू हो गया। इस दौरान लाखों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े। रामनवमी पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुबह से ही सड़कों पर उत्सव का माहौल दिखाई दिया। भगवा रंग के झंडे, भक्ति संगीत और रामायण के दृश्यों को दिखाने वाली झांकियां निकाली जा रही हैं।

कोलकाता में ही 60 रैलियां
अकेले कोलकाता में 60 से ज्यादा शोभायात्राएं आयोजित करने का कार्यक्रम है, जिसके लिए लगभग 4,000 से 5,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। उप आयुक्त और संयुक्त आयुक्त रैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को शोभायात्राओं के रास्तों पर सुरक्षा की निगरानी का काम सौंपा गया है। बीजेपी की राज्य इकाई के प्रमुख सुकांत मजूमदार ने कहा, "रामनवमी पर आयोजित अनेक कार्यक्रमों में लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। मैं राज्य सरकार से आग्रह करूंगा कि वह व्यवस्था करे ताकि शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाया जा सके। समारोह को जबरन रोकने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रामनवमी का जश्न मनाया जाएगा, चाहे आप कुछ भी करें।" पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को रामनवमी के अवसर पर पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में राम मंदिर की आधारशिला रखी।

राम मंदिर की आधारशिला सोनाचूरा गांव में रखी गई, जहां छह जनवरी 2007 को स्थानीय प्रशासन के भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे कम से कम सात लोगों की उपद्रवियों द्वारा की गई गोलीबारी में मौत हो गई थी। समर्थकों और भक्तों के 'जय श्री राम' के उद्घोष के बीच अधिकारी ने मंदिर की नींव रखी।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और हिंदू जागरण मंच सहित भाजपा से संबद्ध हिंदूवादी संगठन भी पश्चिम बंगाल में शोभायात्राएं आयोजित कर रहे हैं। इस बीच राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर इस अवसर को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, 'भाजपा रामनवमी को एक राजनीतिक आयोजन में बदलने की कोशिश कर रही है। वे विकास की राजनीति में नहीं हैं, बल्कि धर्म के नाम पर राजनीति करना चाहते हैं और अशांति पैदा करना चाहते हैं। बंगाल इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।'

पुलिस सूत्रों ने बताया कि सभी शोभायात्राओं की निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। कोलकाता के एंटाली, कोसीपुर, खिदरपुर और चितपुर जैसे संवेदनशील स्थानों पर त्वरित प्रतिक्रिया दल भी तैनात किए गए हैं।

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