भारत का बड़ा कदम, दवा बाजार में बड़ा बदलाव, विदेशी कंपनियों को भी घटाने होंगे दाम

नई दिल्‍ली
डायबिटीज की दवा के बाजार में प्राइस वॉर छिड़ गई है। भारतीय दवा कंपनियां टाइप-2 डायबिटीज की दवा 'एमपेग्लिफ्लोजिन' के सस्ते विकल्प बाजार में उतार रही हैं। इससे मरीजों को यह जरूरी दवा कम दाम में मिल सकेगी। बोह्रिंगर इंगेलहाइम और एली लिली की इस दवा का पेटेंट खत्म होने के बाद भारतीय कंपनियों ने इसका फायदा उठाया है। इससे 'जारडिएंस' ब्रांड नाम से बिकने वाली इस दवा की कीमत में 80% तक की गिरावट आई है। मैनकाइंड फार्मा, ग्लेनमार्क और एल्केम जैसी कंपनियां इस दवा के अलग-अलग वर्जन और एफडीसी (फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन) बाजार में ला रही हैं। आईसीएमआर के अनुसार, भारत में 10.1 करोड़ से ज्‍यादा डायबिटीज के मरीज हैं। सस्ती दवा आने से ज्‍यादा लोग इसका इस्तेमाल कर पाएंगे। इससे दवा बाजार में बड़ा बदलाव आएगा। विदेशी कंपनियों को अपनी कीमतें कम करनी पड़ेंगी।

ब‍िजनेस टुडे की र‍िपोर्ट के अनुसार, पहले 'जारडिएंस' के 10 mg टैबलेट की कीमत 58-60 रुपये और 25 mg की कीमत 65-70 रुपये थी। अब मैनकाइंड फार्मा 'एमपेग्लाइड' और 'एमपेग्रेट' 10 mg टैबलेट 5.49 रुपये और 25 mg टैबलेट 9.90 रुपये में बेच रही है। ग्लेनमार्क की 'ग्लेम्पा' 8.50-10 रुपये प्रति टैबलेट में मिल रही है। एल्केम की 'एम्पेनॉर्म' और भी सस्ती हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कंपनियां डायबिटीज के बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती हैं। IQVIA के अनुसार, दो साल में जेनेरिक दवाओं की बिक्री 60% से ज्‍यादा हो सकती है।

कंपन‍ियों ने लॉन्‍च किए कई ब्रांड

ग्लेनमार्क ने 'ग्लेम्पा' ब्रांड के तहत 10 mg और 25 mg टैबलेट के साथ 'ग्लेम्पा-L' (एमपेग्लिफ्लोजिन + लिनैग्लिप्टिन) और 'ग्लेम्पा-M' (एमपेग्लिफ्लोजिन + मेटफॉर्मिन) जैसे FDC भी लॉन्च किए हैं। ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के प्रेसिडेंट और हेड (इंडिया फॉर्मलेशन्स बिजनेस) आलोक मलिक ने कहा, 'ग्लेनमार्क का कार्डियोमेटाबोलिक केयर में एक मजबूत इतिहास रहा है। 'ग्लेम्पा' रेंज का लॉन्च हाई क्‍वालिटी, कम कीमत वाली दवाएं उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारी एडवांस्‍ड R&D यह सुनिश्चित करती है कि यह दवा, असली ब्रांडेड दवा जितनी ही असरदार हो, लेकिन उसकी कीमत के एक छोटे से हिस्से पर।'

मैनकाइंड फार्मा ने 'एमपेग्लाइड', 'एमपेग्रेट' और 'डायनाडुओ' जैसे कई ब्रांड लॉन्च किए हैं। कंपनी के वाइस चेयरमैन और एमडी राजीव जुनेजा ने कहा, 'हमारा मानना है कि जरूरी दवाओं के लिए कीमत कभी रुकावट नहीं बननी चाहिए। इसीलिए हमने एमपेग्लिफ्लोजिन को सस्ती कीमत पर पेश किया है ताकि लाखों भारतीय डायबिटीज मरीज इसे ले सकें।' कंपनी शहरों, छोटे शहरों और गांवों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए दो ब्रांड की रणनीति अपना रही है। साथ ही, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और अस्पतालों के साथ मिलकर एमपेग्लिफ्लोजिन के फायदों के बारे में जागरूकता फैला रही है।

टैबलेट का छोटा क‍िया है आकार

एल्केम लैबोरेटरीज ने 'एम्पेनॉर्म' को असली ब्रांडेड दवा से 80% तक सस्ता रखा है। नकली दवाओं की चिंता को दूर करने के लिए कंपनी ने एंटी-काउंटरफीट सिक्योरिटी बैंड और कई भाषाओं में मरीजों के लिए जानकारी वाली सामग्री पेश की है। एल्केम लैबोरेटरीज के सीईओ डॉ. विकास गुप्ता के मुताबिक,'हमारे क्रॉनिक पोर्टफोलियो के विस्तार के रूप में एमपेग्लिफ्लोजिन का लॉन्च खासकर दिल और किडनी की बीमारी के प्रबंधन में डायबिटीज केयर को बेहतर बनाने के हमारे मिशन के अनुरूप है।' कंपनी ने बुजुर्ग मरीजों के लिए टैबलेट का आकार और कोटिंग भी बेहतर बनाई है।

एल्केम के एमपेग्लिफ्लोजिन रेंज में 'एम्पेनॉर्म' के अलावा 'एम्पेनॉर्म L' (एमपेग्लिफ्लोज़िन + लिनैग्लिप्टिन), 'एम्पेनॉर्म डुओ' (एमपेग्लिफ्लोजिन + सिटाग्लिप्टिन) और 'एम्पेनॉर्म M' (एमपेग्लिफ्लोजिन + मेटफॉर्मिन) जैसे FDC भी शामिल हैं। डॉ.गुप्ता ने कहा, 'डायबिटीज मैनेजमेंट में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है दवा नियमित रूप से लेना। टैबलेट का आकार छोटा करके और FDC देकर हम दवा नियमित रूप से लेने और मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार लाना चाहते हैं।'

फोर्टिस C-DOC हॉस्पिटल फॉर डायबिटीज एंड अलाइड साइंसेज के चेयरमैन डॉ. अनूप मिश्रा ने कहा, 'एमपेग्लिफ्लोजिन बहुत दी जाती है, लेकिन कम कीमत होने से गरीब लोग भी इसे ले सकेंगे। इससे इस बेहतरीन दवा का नियमित सेवन बढ़ेगा।'

क‍ितना बड़ा है डायब‍िटीज मार्केट?

डायबिटीज के बढ़ते मामलों के कारण दुनिया भर में डायबिटीज दवाओं का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। फॉर्च्यून बिजनेस इनसाइट्स के अनुसार, 2024 में इस बाजार का मूल्य लगभग 7,400,000 करोड़ रुपये (88.32 अरब डॉलर) था। 2032 तक इसके 19,600,000 करोड़ रुपये (233.84 अरब) तक पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान CAGR 12.7% रहेगा। मार्केट रिसर्च फ्यूचर के अनुसार, भारत में डायबिटीज केयर दवाओं का बाजार 2023 में 56,000 करोड़ रुपये (6.75 अरब डॉलर) का था। 2032 तक इसके 95,000 करोड़ रुपये (11.46 अरब डॉलर) तक पहुंचने की उम्मीद है। इस दौरान CAGR 6.54% रहेगा।

admin

Related Posts

स्टॉक मार्केट क्रैश: सेंसेक्स में 1200+ अंकों की गिरावट, निफ्टी 25500 से नीचे बंद

मुंबई अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच गुरुवार को भारतीय बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत से…

अनिल अंबानी का सुप्रीम कोर्ट को खुला संदेश, बिना इजाजत विदेश यात्रा पर रोक

मुंबई  देश के प्रमुख उद्योगपति अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में एक औपचारिक हलफनामा दायर किया है कि वे सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना भारत छोड़कर नहीं जाएंगे।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

शिखर धवन दूसरी शादी कर रहे, आयरलैंड की सोफी को बनाएंगे दुल्हन, संगीत नाइट में हुए रोमांटिक

  • By admin
  • February 19, 2026
  • 0 views
शिखर धवन दूसरी शादी कर रहे, आयरलैंड की सोफी को बनाएंगे दुल्हन, संगीत नाइट में हुए रोमांटिक

भारत के खिलाफ हार पर पाकिस्तान में घमासान, एक्स क्रिकेटर का दावा—‘अब बदल गया दौर’

  • By admin
  • February 19, 2026
  • 0 views
भारत के खिलाफ हार पर पाकिस्तान में घमासान, एक्स क्रिकेटर का दावा—‘अब बदल गया दौर’

जैस्मीन कौर का जलवा बरकरार, शॉट पुट में शानदार जीत हासिल

  • By admin
  • February 19, 2026
  • 0 views
जैस्मीन कौर का जलवा बरकरार, शॉट पुट में शानदार जीत हासिल

जायंट किलर बना जिम्बाब्वे, ऑस्ट्रेलिया के बाद श्रीलंका पर भी दर्ज की शानदार जीत

  • By admin
  • February 19, 2026
  • 0 views
जायंट किलर बना जिम्बाब्वे, ऑस्ट्रेलिया के बाद श्रीलंका पर भी दर्ज की शानदार जीत

निशानेबाजी का महाकुंभ: 16वां लक्ष्य कप में जुटेंगे देश के सर्वश्रेष्ठ एयर राइफल खिलाड़ी

  • By admin
  • February 19, 2026
  • 2 views
निशानेबाजी का महाकुंभ: 16वां लक्ष्य कप में जुटेंगे देश के सर्वश्रेष्ठ एयर राइफल खिलाड़ी

उम्र सिर्फ नंबर! 41 साल के वैन डेर का सुपर कैच देख दंग रह गए तिलक वर्मा

  • By admin
  • February 19, 2026
  • 1 views
उम्र सिर्फ नंबर! 41 साल के वैन डेर का सुपर कैच देख दंग रह गए तिलक वर्मा