उज्जैन-गरोठ फोरलेन हाईवे का काम 90 फीसदी पूरा, तीन महीने के अंदर चालू हो जाएगा, 100 KM प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी गाड़ियां

उज्जैन

उज्जैन-गरोठ फोरलेन हाईवे पर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस फोरलेन हाईवे पर आने वाले महीनों में गाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने लगेंगी। इस परियोजना का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है, और अब सिर्फ कुछ छोटे-मोटे काम बाकी हैं। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एम.एल. पुरबिया का कहना है कि उज्जैन क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज और खेड़ा खजुरिया के आसपास कुछ काम बचे हैं, जो अगले तीन महीनों में पूरे हो जाएंगे।

यह फोरलेन सड़क उज्जैन को सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी, जिससे यात्रा और भी तेज और आसान हो जाएगी। इस परियोजना की कुल लागत 2,660 करोड़ रुपये है, और इसका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। मंदसौर जिले की सीमा में काम लगभग खत्म हो चुका है, जबकि उज्जैन से खेड़ा खजुरिया तक के 41 किलोमीटर हिस्से में केवल 10 फीसदी काम बाकी है। परियोजना निदेशक पुरबिया का दावा है कि 160 किलोमीटर लंबा यह मार्ग अधिकतम तीन महीनों में पूरी तरह तैयार हो जाएगा।

हालांकि सड़क अभी आधिकारिक रूप से पूरी नहीं हुई है, लेकिन 90 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो जाने के कारण वाहनों की आवाजाही पहले से ही आसान हो गई है। इस मार्ग से सफर करने वाले यात्रियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने से पहले ही यात्रा का अनुभव काफी बेहतर हो गया है। उज्जैन से दिल्ली, मुंबई और वडोदरा जाने वाले लोगों के लिए यह सड़क दूरी को कम करने के साथ-साथ समय और ईंधन दोनों की बचत कर रही है।
तीन कंपनियों को सौंपा गया था काम

उज्जैन-गरोठ फोरलेन सड़क परियोजना का काम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नवंबर 2022 में शुरू किया था। इसे तेजी से पूरा करने के लिए परियोजना को तीन भागों में बांटकर अलग-अलग निर्माण कंपनियों—जीएचवी, रवि इंफ्रा और एमकेसी इंफ्रा—को सौंपा गया था। अनुबंध के मुताबिक, तीनों फर्मों को जुलाई 2024 तक काम पूरा करना था। रवि इंफ्रा और एमकेसी इंफ्रा ने अपने हिस्से का काम लगभग पूरा कर लिया है, लेकिन जीएचवी का 10 फीसदी हिस्सा अब भी अधूरा है। यह कंपनी 207 दिन की बढ़ी हुई समय सीमा के बावजूद काम पूरा नहीं कर पाई, लेकिन अब इसे अगले एक महीने में पूरा करने की बात कही जा रही है।
89 गांवों से होकर गुजरेगा यह हाईवे

फोर लेन की यह सड़क 89 गांवों से होकर गुजरेगी, जिनमें उज्जैन के 13, घट्टिया के 10, महिदपुर के 20, बड़ौद के 11, डग के 3, गंगधार के 11, सुवासरा के 10, शामगढ़ के 7 और गरोठ के 4 गांव शामिल हैं। हाईवे पर वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे, जिससे उज्जैन से गरोठ का सफर महज 1 से 1.5 घंटे में पूरा हो जाएगा।

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